रांची | वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने मंईयां सम्मान योजना में होनेवाले बड़े खर्च के एक सवाल पर कहा कि झारखंड में 1 लाख 28 हजार करोड़ का बजट है। जिसमें 48 हजार करोड़ का स्थापना बजट है। ऐसे में राज्य सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत आनेवाली बजट की स्थिति काफी अच्छी है। 80 हजार करोड़ के स्कीम बजट में से 15 हजार करोड़ राशि मंईयां सम्मान योजना को दी जा रही है। स्कीम के लिए अब भी सरकार के पास 65 हजार करोड़ रुपए मौजूद है। भारत सरकार भी इस बात को लेकर प्रयासरत है कि राज्य का राजस्व कैसे बढ़े। उम्मीद है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में झारखंड का राजस्व 10 से 15 हजार करोड रुपए बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि स्कीम के तहत होने वाले खर्च करने के मामले में झारखंड गिने-चुने राज्यों में शामिल है। जहां हर साल 10% से अधिक कैपिटल पर खर्च हो रहे हैं। कैपिटल खर्च करने में झारखंड आगे है। केंद्र सरकार से झारखंड को 450 करोड़ रुपए इंसेंटिव राशि भी मिलती है।


