स्कूलों की पढ़ाई का रिपोर्ट कार्ड:राज्य के 17.7% स्कूल डी-ग्रेड, शिक्षकों की हाजिरी कम, सुधार करने अफसरों की टीम बनी

प्रदेश में 17.76% स्कूल डी ग्रेड वाले हैं। कक्षा एक से तीन तक के बच्चे न गिनती जानते हैं और न ही उन्हें अक्षर ज्ञान है। यह जानकारी मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत राज्य के 56,895 सरकारी स्कूलों के सोशल ऑडिट में सामने आई है। ऑडिट में 9540 स्कूलों को डी ग्रेड मिला। जबकि ए ग्रेड स्कूल 16,785 हैं। ऑडिट 6 से 8 अक्टूबर के बीच हुआ। ग्रेड में सुधार के लिए अफसरों की टीम बना दी गई है। इसका उद्देश्य स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करना था। स्कूलों का मौजूद आधारभूत सुविधाओं, छात्र उपलब्धियों और शिक्षकों की उपस्थिति समेत कई बिंदुओं पर मूल्यांकन किया गया। ऑडिट के लिए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और हाई हायर सेकंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार की गई। ऑडिट के बाद स्कूलों को ग्रेडिंग दी गई। 47,355 स्कूल ए, बी और सी ग्रेड में रहे। 20 प्रश्नों के आधार पर स्कूलों का किया गया मूल्यांकन हर स्कूल में एक सामाजिक अंकेक्षण दल का गठन किया गया। इसमें स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय प्रतिनिधि व अनुभवी समुदाय के सदस्य शामिल थे। विकासखंड स्तर पर संकलित प्रपत्रों को डेटा एंट्री के लिए चयनित 5 शिक्षकों की टीम ने पोर्टल में अपलोड किया। स्कूल में उपलब्धता की आधार पर टीमों ने 20 बिंदुओं में सोशल ऑडिट किया। कुल 20 प्रश्नों पर जानकारी एकत्र की गई। इनमें बच्चों की पठन क्षमता, गणितीय कौशल, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, परीक्षा परिणाम, स्थानीय भाषा के उपयोग जैसे पहलू शामिल थे। इसी के आधार पर स्थिति का विश्लेषण किया गया। ऑडिट के लिए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई-हायर सेकंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने और प्रशिक्षण देने का काम राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने किया। समग्र शिक्षा विभाग ने नोडल एजेंसी थी। डी ग्रेड वाले स्कूलों में सुधार के लिए सभी जिलों में अलग-अलग विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये स्कूलों में जाकर ग्रेड सुधरने तक काम करेंगे। मॉनिटरिंग 15 दिसंबर तक जिला स्तर के अधिकारी व जन प्रतिनिधि करेंगे। निरीक्षण के लिए विद्या समीक्षा केंद्र के सहयोग से तैयार एप भी उपलब्ध कराया जाएगा। – एम सुदीश,सहायक संचालक शिक्षा छत्तीसगढ़

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