राजस्थान सरकार ने वाहन स्वामित्व हस्तांतरण (वाहन ट्रांसफर) की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब वाहन ट्रांसफर के लिए भौतिक सत्यापन करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह बदलाव वाहन मालिकों के लिए राहत लेकर आया है, क्योंकि इससे समय और पैसे की बचत होगी और दलालों के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा। अधिसूचना के अनुसार, अब स्थानीय या राज्य के भीतर खरीदे गए वाहनों के ट्रांसफर के समय भौतिक सत्यापन करवाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अधिसूचना का विवरण राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का पालन परिवहन विभाग द्वारा उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में किया गया। संयुक्त शासन सचिव रेणु खंडेलवाल के अनुसार यह फैसला राज्य सरकार की पिछले साल की बजट घोषणा के तहत लिया गया है। वाहन चालकों की प्रतिक्रिया वाहन चालक सुरेश शर्मा ने बताया कि राजस्थान सरकार का यह कदम वाहन मालिकों के लिए राहत देने वाला साबित होगा। भौतिक सत्यापन की अनिवार्यता खत्म होने से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता भी आएगी। वाहन चालक रेणुका गुप्ता ने इस आदेश को तकनीकी रूप से उन्नत और जनहितैषी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बताया। ऑनलाइन प्रक्रिया के इस आदेश से अनियमितता पर लगेगी लगाम 1. स्थानीय और राज्य के भीतर क्रय-विक्रय किए गए वाहनों के ट्रांसफर के समय भौतिक सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। 2. अलग से बॉडी निर्मित वाहनों (जैसे ट्रक, बस, ट्रैक्टर आदि) और अन्य राज्यों से खरीदे गए वाहनों का भौतिक सत्यापन अब भी आवश्यक रहेगा। 3. वाहन ट्रांसफर अब वाहन 4.0 पोर्टल के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकेगा। 4. वाहन मालिकों को अब डीटीओ या आरटीओ कार्यालय जाकर भौतिक सत्यापन करवाने की जरूरत नहीं होगी। इससे लंबी दूरी तय करने की परेशानी खत्म होगी। 5. भौतिक सत्यापन के दौरान दलालों की मदद लेने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी, जिससे वाहन मालिकों के खर्च में कटौती होगी। 6. अब वाहन ट्रांसफर के लिए सेल लेटर, आवश्यक दस्तावेज और शुल्क वाहन 4.0 पोर्टल पर जमा कर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। 7. ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से किसी प्रकार की अनियमितता और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।


