देवनारायण योजना की समीक्षा बैठक शुक्रवार को जयपुर के अंबेडकर भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, विभाग के निदेशक आशीष मोदी व गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला की मौजूदगी में हुई। संयोजक बैंसला ने बताया कि बैठक में योजना से जुड़े ऑपरेशन, फाइनेंशियल, देवनारायण छात्रवृत्ति, देवनारायण स्कूल, एडमिशन प्रोसेस, स्कूटी वितरण व छात्रावास को लेकर समीक्षा हुई। बैठक में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। गुर्जर आंदोलन के दौरान मृतक रूपनारायण गुर्जर निवासी झींझन दौसा के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने और 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर कर दी गई। बैठक में निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने यूडीएच विभाग को आदेश जारी कर कलेक्टर दौसा से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में देवनारायण योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इस दौरान अतिरिक्त निदेशक ओमप्रकाश मीणा, उप निदेशक जेपी बैरवा, गुर्जर नेता भूरा भगत, विनोद बड़ोली, मोहर सिंह माल तथा संघर्ष समिति के अन्य सदस्य व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सात मांगे थी एक पूरी हुई, बाकी का भी इंतजार: बैंसला गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला ने बताया कि बैठक सकारात्मक रही है। हमने महापंचायत के दौरान सात मांगे रखी थी, जिनमें शहीद रूपनारायण के आश्रित को नौकरी व 5 लाख की चिट्ठी हमें मिल गई है। 1252 के 433 बच्चे हैं, जिनकी डीपीसी, स्थाईकरण पेंडिंग है। अभी गुर्जर आरक्षण आंदोलन में लगे केसों का निस्तारण नहीं हुआ। सरकार ने उसके लिए नोडल ऑफिसर लगाए थे, लेकिन 2 साल में चार केस ही फाइनल हुए हैं। उन्होंने कहा कि समिति व सब कमेटी की मीटिंग 60 दिन में होनी चाहिए। जो नहीं हो रही है। हमें मीटिंग का इंतजार है। सरकार जल्द ही शेष मांगो को भी पूरा करें। दौसा। मंत्री अविनाश गहलोत के साथ चर्चा करते आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी।


