शक्तिनगर बॉटलनेक को खोले हुए डेढ़ साल बीत चुका है, लेकिन इसके काम को पूरा करने की राह अभी तक नहीं खुली है। सरकार की तरफ से यह काम अटका हुआ है। मकान मालिकों को मुआवजे के तौर पर दी जाने वाली जमीन के लिए सरकार ने अब तक निगम को स्वीकृति नहीं दी है। ऐसे में पूरा मार्ग अस्त-व्यस्त पड़ा है। पिछले साल 5 अप्रैल को नगर निगम ने शक्तिनगर बॉटलनेक को खोलने की कार्रवाई की थी। तीन दिनों में 6 मकानों के रोड की तरफ के हिस्से को तोड़ा गया था। इन मकान मालिकों को सेक्टर-11 और निगम के पास ही जमीन देने के लिए चिह्नित भी किया। इसका प्रस्ताव निगम ने राज्य सरकार को भेज दिया, लेकिन अब तक वहां से मंजूरी नहीं मिली। इस कारण यह काम अटका पड़ा है। फिलहाल हाल ही शक्तिनगर से आने और जाने वाले मार्ग के बीच क्षेत्रवासियों ने पिलर लगा दिए हैं। इससे सिर्फ दुपहिया वाहन ही वहां से निकल पा रहे हैं। चारपहिया और तीनपहिया वाहनों की एंट्री बंद है। बॉटलनैक वाली रोड टाउनहॉल और शक्तिनगर को जोड़ती है। इस मार्ग से रोज सैकड़ों दोपहिया वाहन गुजरते हैं। लेकिन, पिलर लगे होने से चार पहिया वाहन यहां से गुजर नहीं पाते। इन्हें टाउनहॉल पहुंचने के लिए देहलीगेट होते हुए जाना पड़ता है। ऐसे ही नगर निगम के पीछे से सूरजपोल मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली लिंक रोड पर जाने के लिए भी चार पहिया को इसी रूट से जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें डेढ़ से 2 किमी का अतिरक्त चक्कर काटना पड़ता है। अभी 13 फीट चौड़ी रोड, 30 फीट तक करनी है निगम के दीपावली मेले के दौरान भी यहां पिलर मिले थे, जिन्हें निगम ने हटवाया था। तब वाहनों का दबाव ज्यादा था और ट्रैफिक जाम न हो इसके लिए निगम ने कार्रवाई की थी। अब दोबारा पिलर लगा दिए गए हैं। मामले में आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि जमीन देने की स्वीकृति मिलने के बाद सड़क को 30 फीट तक चौड़ा किया जाना है। अभी यह रोड 13 फीट की है। पिलर लगाए जाने की जांच कराई जाएगी। बता दें, पिछले साल 14 दिसंबर को शक्तिनगर बॉटलनेक से नगर निगम की तरफ जाने वाली रोड की मरम्मत का काम शुरू किया था। यह काम 10 दिन चला। इससे पहले बॉटलनेक खुलने के दौरान मकान मालिकों ने कोर्ट से निगम की कार्रवाई पर स्टे भी मांगा। कोर्ट ने कार्रवाई को विकास मानते हुए स्टे की अपील को खारिज कर दिया था।


