सुविधाओं का जिम्मा स्कूल प्रशासन का रहेगा, एक प्रभारी भी होंगे

^गाइडलाइन के अनुसार छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट तैयार किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग इसका प्रबंधन करेगा। इस अभियान को मिशन पिंक टॉयलेट नाम दिया गया है। -हनुमान सिंह राठौड़, सीइओ, जिला परिषद, डूंगरपुर भास्कर संवाददाता। डूंगरपुर जिले में मिशन पिंक टॉयलेट के तहत 353 ग्राम पंचायत के सभी राजकीय बालिका विद्यालयों में शौचालयों का नवीनीकरण किया जा रहा है। अब तक 256 स्कूलों में में काम हो चुका है। इन सुविधाघरों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि बेटियों को स्वच्छ वातावरण मिले। इसमें ग्राम पंचायत एफएफसी मद का उपयोग करते हुए गांव में बालिका स्कूल के लिए पिंक शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं। जिन स्कूलों में बालिका सुविधाघरों बने हुए हैं, वहां पर नवीनीकरण का काम करके इसे आधुनिक और सुविधायुक्त बनााया जा रहा है। बाकी 97 टॉयलेट का काम प्रगति पर है और एक महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के जिन सरकारी स्कूल में छात्राओं की संख्या ज्यादा हैं, वहां उनके लिए टॉयलेट दूर से ही नजर आएंगे। इनका रंग गुलाबी किया गया है। इन टॉयलेट्स में सेनेटरी पैड भी नि:शुल्क मिलेंगे। यह काम ग्राम पंचायत के जिम्मे रहेगा। मॉनिटरिंग जिला परिषद ( स्वच्छ भारत अभियान ) करेगा। एक ग्राम पंचायत को एक पिंक टॉयलेट बनाने और एक बालिका स्कूल में टॉयलेट का नवीनीकरण करना होगा। इनमें डब्ल्यूसी, टाइल्स, नल, पानी की टंकी, निकासी, उचित प्रकाश एवं वेंटिलेशन की सुविधा, सेनेटरी पैड, इन्सीनरेटर मशीन, वॉश बेसिन और एमएचएम स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर आईईसी संदेश, शौचालयों की विशिष्टता के लिए पिंक कलर कराने की जिम्मेदारी रहेगी। स्कूल प्रशासन को साबुन की उपलब्धता, सेनेटरी पैड डूंगरपुर। स्कूल में बालिकाओं के लिए बना पिंक टॉयलेट ^सरकारी स्कूल में जहां पिंक टॉयलेट बनाए गए हैं, वहां छात्राओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। सेनेटरी पैड निशुल्क रखे जाएंगे। साथ ही पैड को नष्ट करने की मशीन भी रखी जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि यहां पर स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। – मनोज दशोरा, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन

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