मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान में शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया है। इसके बाद से भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। क्षेत्र में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की टीमें उतार दी हैं। SIR को लेकर उनकी तैयारियों और अब तक की सफलता को लेकर भास्कर रिपोर्टर ने उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा- शहर में 50,000 से अधिक रोहिंग्या और बांग्लादेशी रह रहे हैं। पार्टी किसी भी हाल में इनका नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़ने देगी। बूथ स्तर पर हमारी टीमें हर झुग्गी-झोपड़ी और किराएदारों की जांच कर रही है। पढ़िए आनंद द्विवेदी का पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने किन मानकों पर रोहिंग्यों और बांग्लादेशियों की पहचान की? जवाब: हर बूथ पर दो BLO-2 नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें SIR के साथ-साथ घुसपैठियों की पहचान करने का काम भी सौंपा गया है। BLO टीमें सुगामऊ, इंदिरा नहर का किनारा, सरोजनी नगर, लालकुआं, बाबू बनारसी दास कॉलेज समेत कई इलाकों में पहुंचीं। सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग किसी भी दस्तावेज को दिखाने से इनकार कर रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके पास असम का कार्ड है, लेकिन दिखाने को तैयार नहीं हुए। वह लोग बहाना बना रहे हैं। कोई भी वैध दस्तावेज दिखाने को तैयार नहीं हैं। इन्हें स्थानीय नेटवर्क संरक्षण दे रहा है। सवाल: क्या राजनीतिक पार्टियां घुसपैठ करा रही हैं? जवाब: घुसपैठियों की पहचान से ज्यादा मुश्किल इनके पीछे खड़े स्थानीय नेटवर्क की पहचान है। यह एक संगठित पैटर्न है और इसे तोड़ना जरूरी है। कुछ पार्षदों ने अपने प्लॉटों पर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बसाया है। ऐसे लोगों ने फर्जी कागज बनवाकर वोट बढ़ाने की कोशिश की है। हम ऐसे हर केस की लिखित शिकायत करेंगे। यह मामला सिर्फ वोट का नहीं है, बल्कि सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और जनसंख्या दबाव का भी है। सवाल: लखनऊ में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को लेकर संवेदनशील इलाके कौन-कौन से हैं? जवाब: फैजुल्लागंज, जुगौली, गोपालपुरवा, हैदर कैनाल (PCF के पीछे), सैंट एग्नेस स्कूल परिसर, सुगामऊ, चंदन, इस्माईलगंज, विकास नगर मिनी स्टेडियम, टेढ़ी पुलिया चौराहा, हुसड़िया, पुराना किला क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियां और अस्थायी बस्तियां अधिक हैं। सवाल: किन विधानसभा क्षेत्रों में अधिक घुसपैठिए हैं? जवाब: पूरे लखनऊ का सर्वे अभी जारी है, लेकिन अब तक के आंकड़े बेहद गंभीर हैं। पूर्वी और उत्तरी विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। इन क्षेत्रों में झुग्गियों का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। इनमें रोहिंग्यों और बांग्लादेशियों के रहने की पूरी संभावना है। सवाल: वार्ड स्तर पर कैसे काम कर रहे हैं? जवाब: हर वार्ड में विशेष टीम बनाई गई है। ये टीमें किराएदारों, अस्थायी झुग्गियों, मजदूर बस्तियों और कच्चे मकानों में कागजों की जांच कर रही हैं। बिना आईडी वाले लोगों की तुरंत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को रात में भी झुग्गियों में जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। एक-एक झुग्गी की जांच होगी। सवाल: किराएदार रखने वाले मकान मालिकों को क्या संदेश देंगे? जवाब: जो भी नागरिक अवैध प्रवासियों को पनाह देगा, उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कई जगह मकान मालिकों ने पैसे लेकर रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को किराए पर रखा है। ऐसे मामलों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन को सौंपने की तैयारी है। सवाल: अगला चरण क्या है? भाजपा की आगे की रणनीति क्या है? जवाब: BLO-2 टीमें हर गली में जाकर SIR फॉर्म जमा करा रही हैं। अवैध बस्तियों की पूरी सूची गली, घर नंबर, परिवार संख्या सहित तैयार की जा रही है। आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड जैसे सभी दस्तावेजों का क्लस्टर-आधारित वेरिफिकेशन किया जाएगा। प्रशासन को लिखित शिकायतें भेजने का काम शुरू हो गया है। भाजपा ने एक आंतरिक कंट्रोल रूम बनाया है, जो हर शिकायत की मॉनिटरिंग कर रहा है। यह सिर्फ संख्यात्मक दावा नहीं है। हमारी टीमें 24×7 काम कर रही हैं। जल्द ही पूरी लिस्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। सवाल: अब तक कितने अवैध रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को चिह्नित किया गया है? जवाब: अब तक लगभग 50,000 रोहिंग्या और बांग्लादेशी चिह्नित कर लिए गए हैं। जैसे-जैसे सर्वे आगे बढ़ रहा है, यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है। मतदाता सूची को किसी भी कीमत पर सही रखा जाएगा।


