सवाल इंदौर के स्कूलों का..जवाब भिंड का मिला:बीजेपी MLA को विधानसभा में दिया उत्तर, विपक्ष ने कहा- सचिवालय भ्रष्ट अफसरों से मिला हुआ

एमपी विधानसभा में कांग्रेस के विधायक कई बार यह आरोप लगा चुके हैं कि अधिकारी विधानसभा में पूछे गए सवालों के गलत जवाब देते हैं। अधूरी, गलत और अस्पष्ट जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में आती है। इंदौर विधानसभा क्रमांक 3 से बीजेपी विधायक राकेश शुक्ला “गोलू” ने अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल से जुड़ा सवाल पूछा। लेकिन, स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने इंदौर के विधायक को भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा के स्कूलों की जानकारी जवाब में भेज दी। भास्कर के सवाल पर मंत्री ने साधी चुप्पी
विधायक को दूसरी विधानसभा का जवाब देने के मामले पर दैनिक भास्कर ने स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से पूछा तो वे चुप्पी साध गए। विधायक ने मांगी थी यह जानकारी इंदौर नंबर 3 से बीजेपी विधायक राकेश शुक्ला गोलू ने स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से पूछा था कि प्रश्नकर्ता (मेरे) विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल का निर्माण कार्य कब पूरा होगा? इन स्कूलों में स्वीकृत पदों और अध्ययनरत बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की क्या व्यवस्था है, कितनी कमी है या अधिकता है? विभिन्न विषयों को पढ़ाने वाले व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षकों की उपलब्धता से अवगत कराएं। मेरे विधानसभा क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न सरकारी विद्यालयों में उपस्थित छात्र-छात्राओं और उनमें कार्यरत शिक्षकों, प्राचार्य, प्रधान अध्यापकों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। अब जवाब भी पढ़ लीजिए विधानसभा में 4 दिसंबर को दिए गए इस अतारांकित प्रश्न क्रमांक 391 का स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने जवाब इस तरह दिया- विधानसभा क्षेत्र मेहगांव अंतर्गत संचालित 2 सांदीपनी विद्यालय क्रमश: मेहगांव और अमायन जिला भिण्ड का निर्माण कार्य माह जून 2026 तक पूर्ण होना संभावित है। नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार कैसी चल रही इससे समझा जा सकता है सरकार के विधायक अपनी विधानसभा से जुडे़ सवाल पूछते हैं और सरकार के ही अधिकारी और मंत्री किसी दूसरी विधानसभा का जवाब देते हैं तो इससे समझा जा सकता है कि सरकार किस प्रकार से चल रही है। सरकार न किसानों से जुड़े फैसले ले पा रही है। किसानों को समय पर खाद बीज नहीं मिल पा रहा। किसान की फसल का नुकसान हुआ तो उन्हें राहत राशि नहीं मिल पा रही। बीमा कंपनियों से राशि नहीं दिलवा पा रही। बीमा कंपनी को प्रीमियम देते हैं लेकिन किसान को राहत नहीं देना चाहती। बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाय आकांक्षी युवा बताने में लगे हैं। इस जनता का रिपोर्ट कार्ड आम जनता से लेना चाहिए। भ्रष्ट अधिकारियों से सचिवालय मिला हुआ है
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा- मध्य प्रदेश की विधानसभा लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है यहां अधिकारियों की इतनी बड़ी लापरवाही है कि एक बीजेपी के विधायक इंदौर में अपने क्षेत्र का सवाल पूछ रहे हैं उन्हें जवाब नहीं मिल रहा। वो उत्तर भिंड जिले के मंत्री को मिल रहा है। इससे दिखता है कि विधानसभा के अंदर के अधिकारी हों उनपर कभी कार्रवाई नहीं होती। अध्यक्ष जी को संज्ञान लेना चाहिए। इस लापरवाही के लिए कोई माफी नहीं मिलनी चाहिए। इनके ऊपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मेरे स्वयं के दो-दो प्रश्नों के उत्तर बिना मेरी सहमति के बदल दिए गए थे। हमारे आठ-दस विधायकों के साथ ऐसा हुआ। तो क्या सचिवालय और भ्रष्ट अधिकारियों की साठगांठ है। सचिवालय में ऐसे जो अधिकारी हैं उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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