सतना जिले को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) प्रोग्राम में शामिल किया गया है। यह कार्यक्रम बढ़ते सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू किया गया है। देश के 100 जिलों को इस पहल में शामिल किया गया है। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अपर कलेक्टर विकास सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये दोनों अधिकारी सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से कार्यक्रम का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे और साप्ताहिक रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे। जोखिमपूर्ण स्थलों को चिह्नित किया जाएगा
जेडएफडी प्रोग्राम भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा संचालित एक सड़क सुरक्षा कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य जोखिमपूर्ण स्थलों को चिह्नित कर दुर्घटना के कारणों को समाप्त करना है। इस कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस का उपयोग कर प्रभावी योजनाएं बनाई जाएंगी। यह कार्य योजना इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर, इन्फोर्समेंट और एजुकेशन (4-ई) के फार्मूले पर केंद्रित है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक 11 दिसंबर को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने दी। सतना जिले में सड़क हादसों से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष 30 नवंबर तक, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मौतों में 32.98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में सड़क हादसों की संख्या में 21.29 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 28.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष-2024
दुर्घटनाएं : 1034
मृत्यु: 288
गंभीर घायल: 1124 वर्ष-2025
(30 नवंबर की स्थिति) यह हैं कारण


