मऊगंज कलेक्टर संजय जैन ने शुक्रवार को डिप्टी कलेक्टर पवन गुरैया के साथ सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अस्पताल में बंद कमरे, गंदगी और बंद मशीनें मिलीं, जिस पर उन्होंने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. प्रदुम्न शुक्ला को फटकार लगाई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कमरे तालेबंद पाए गए, जो अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता को दर्शाता है। परिसर में कचरा, धूल और खराब साफ-सफाई की स्थिति देखकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल मरीजों की सेवा के लिए है, न कि लापरवाही का केंद्र बनने के लिए। कलेक्टर ने सोनोग्राफी मशीन को ठीक करने को कहा सोनोग्राफी और डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बंद पाई गई। सोनोग्राफी मशीन का सही संचालन न होने से गर्भवती महिलाओं सहित कई मरीजों को परेशानी हो रही थी। कलेक्टर ने सोनोग्राफी मशीन को नियमित रूप से चालू करने और डायलिसिस मशीन के संचालन में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बाहर इलाज के लिए न भटकना पड़े। कलेक्टर ने मरीजों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। मरीजों ने साफ-सफाई की कमी, समय पर इलाज न मिलने और मशीनों के बंद होने की शिकायतें कीं। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि स्थिति में जल्द सुधार होगा और चेतावनी दी कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई कलेक्टर ने रोगी कल्याण समिति की बैठकों के नियमित रूप से आयोजित न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि समिति की मासिक बैठकें सुनिश्चित की जाएं और सभी विभागों की कार्यप्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते पहले ही बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। कलेक्टर संजय जैन ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है और सुधार की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।


