सूखीसेवनिया में शादी की खुशियों के बीच एक हर्ष फायर से मातम पसर गया। यहां मामा दुष्यंत लोधी ने डांस करते हुए लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक से हर्ष फायर किया, लेकिन गोली भांजे विशाल (22) की कमर में जा लगी। घटना गुरुवार रात 10:30 बजे अन्नपूर्णा मैरिज गार्डन के बाहर हुई। गोली लगते ही विशाल लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिवार उसे तुरंत लीलावती अस्पताल ले गया। पुलिस ने बंदूक जब्त कर मामा पर केस दर्ज कर लिया है। हथियार फॉरेंसिक जांच को भेजा जाएगा। दोनों शादी में विदिशा से भोपाल आए थे। हर्ष फायरिंग पर आजीवन कारावास तक की सजा हर्ष फायरिंग पूरी तरह से रोक है। यदि किसी को शादी समारोह में हर्ष फायर करना है, तो कलेक्ट्रेट से इजाजत लेनी पड़ेगी। हर्ष फायरिंग के दौरान किसी को गोली लगती है, तो आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत 2 साल जेल- जुर्माना हो सकता है। मौत होने पर 10 साल या आजीवन कारावास तक हो सकता है।
-सुनील श्रीवास्तव, विशेष लोक अभियोजन अधिकारी दशहरे के दिन कोलार में ऐसे ही गई मासूम की जान, रिटायर्ड डीएसपी के बेटे ने चलाई थी गोली कोलार के शशि हाइटेक सिटी राजहर्ष में 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन 10 साल की रिया की गर्दन में गोली लगी थी। गोली हर्ष फायर में चलाई गई थी। गोली रिटायर्ड डीएसपी के बेटे ने चलाई थी। कोलार थाना पुलिस ने मामले मे दानिश कुंज निवासी रिटायर्ड डीएसपी श्यामलाल यादव और उनके बेटे को आरोपी बनाया है। फायर 315 बोर राइफल से किया गया था। जिस रफ्तार से जाती है, उसी से ही आती है गोली विशेषज्ञों का कहना है कि गोली जब हवा में चलाई जाती है तो वह जितनी रफ्तार से ऊपर जाती है, उसी रफ्तार से नीचे आती है। यह सिर पर लगे तो मौत तक हो जाती है। मप्र में हर साल हर्ष फायरिंग की औसतन 18 से 22 घटनाएं होती हैं।


