बिलखिरिया गांव के पास रायसेन रोड पर बने ब्लैक स्पॉट को अब अंडरपास बनाकर सुधारा जाएगा। इससे पूरा ट्रैफिक दो भागों में बंट जाएगा और एक-दूसरे को क्रॉस नहीं करेंगे। यहां पर वाहनों की क्रॉसिंग ही सड़क हादसे की वजह बनती है। यह बात नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के सदस्य संजय बंदोपाध्याय को बताई। बंदोपाध्याय मप्र कैडर के आईएएस हैं, जो शुक्रवार को एनएचएआई के अफसरों के साथ बिलखिरिया गांव और रत्नागिरी तिराहा का ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई देवांश नुवाल ने बंदोपाध्याय को बताया कि इस ब्लैक स्पॉट पर तात्कालिक उपाय किए जा चुके हैं। इसके तहत सोलर ब्लिंकर, क्रॉस रोड ब्रेकर, ट्रांसवर्स बायमार्किंग, स्पीड लिमिट और साइन बोर्ड लगाए जा चुके हैं। अंडरपास का काम रत्नागिरी तिराहा से रायसेन के मोरीकोड़ी के बीच 42.02 किमी लंबी 4-लेन सड़क निर्माण में किया जाएगा। अभी ये पूरी सड़क 2-लेन है, जिसे केंद्र की भारत माला परियोजना के तहत 4-लेन किया जा रहा है। एनएचएआई इस पूरी परियोजना पर करीब 803 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। ये परियोजना भोपाल और उप्र के औद्योगिक शहर कानपुर को फोर लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगी। ये कॉरिडोर करीब 526 किमी लंबा है, जिसमें मप्र में इसकी लंबाई 360 किमी तय की गई है। अयोध्या बायपास में दोनों तरफ सर्विस रोड बंदोपाध्याय दूसरा ब्लैक स्पॉट देखने रत्नागिरी तिराहा पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि आसाराम तिराहा से करोंद चौराहा होते हुए रत्नागिरी तिराहा के बीच 10 लेन बनने जा रहे 16.439 किमी लंबे अयोध्या बायपास के बीच में 8 फ्लाइओवर्स बनाए जा की योजना है। इस बायपास में मेन रोड 6 लेन होंगी, जबकि दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड भी बनाई जा रही हैं। इस बायपास में करोंद चौराहा, पीपुल्स मॉल के पास, मिनाल रेसिडेंसी के पास समेत ऐसे 8 स्पॉट होंगे, जहां से करीब 700-800 मीटर पहले ये फ्लाईओवर उठेंगे और इन स्पॉट के 700-800 मीटर आगे जाकर उतरेंगे। इसके अलावा आसपास की कॉलोनियों को बायपास पर न आना पड़े, इसलिए इस परियोजना के बीच में 18 व्हीकल अंडर पास भी बनेंगे।


