साइबर ठगी का नया पैटर्न सामने आया है। ठग अब सोशल मीडिया चलाने और ऑनलाइन गेम खेलने वाले बच्चों को जाल में फंसा रहे हैं। ठग पहले बच्चों से दोस्ती करते हैं, फिर किसी लड़की के नाम से चैट करते हैं। बातचीत को अश्लील दिशा में ले जाकर वे बच्चों को ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। ठगों के दबाव में बच्चे घरवालों के मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर देते हैं या एटीएम कार्ड चोरी कर पैसे निकाल लेते हैं। यह रकम वह ठगों को भेजते हैं। खाते से पैसे गायब होने पर माता-पिता बैंक और पुलिस में शिकायत करते हैं। पुलिस जांच में पता चलता है कि उनके ही बच्चों ने पैसे निकाले हैं। ग्वालियर में लगातार ऐसे मामले सामने आने से इन मामलों ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इंस्टा पर लड़की बन अश्लील चैट की, जाल में फंसा किशोर
किला गेट निवासी 45 वर्षीय महिला का 14 साल का बेटा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर घंटों समय बिताता है। इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती आयुष शुक्ला नाम के एक ठग से हो गई। दोनों के बीच रोज तरह-तरह की बातें होने लगीं। इसी बीच एक अन्य ठग ने खुद को लड़की बनाकर किशोर से चैटिंग शुरू कर दी। बातचीत को अश्लील मोड़ देकर ठगों ने किशोर को अपने जाल में फंसाया। फिर उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करने लगे। फुटेज से खुला राज, बेटे ने ही निकाले थे एटीएम से पैसे ठगों के ब्लैकमेल करने के बाद किशोर घर पर कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसने अपनी मां का चोरी-छिपे एटीएम कार्ड उठा लिया। नजदीकी एटीएम बूथ पर जाकर उसने 26,500 रुपए निकाल लिए। बेटे ने लेन-देन के मैसेज भी मां के मोबाइल से डिलीट कर दिए,ताकि उन्हें कुछ पता न चले। महिला ने पासबुक की बैंक में एंट्री कराई तो उन्हें 26,500 रुपए कटने का पता चला। परेशान होकर उन्होंने एसबीआई शाखा के सेवा प्रबंधक लोकेंद्र सिंह राणा को लिखित शिकायत दी। उन्होंने मुंबई से एटीएम का सीसीटीवी फुटेज मंगवाया। फुटेज देखने पर महिला ने बताया कि यह उनका बेटा है। बाद में बेटे ने ठग उसे ब्लैकमेल कर रुपए की मांग कर रहे थे। खतरा ज्यादा… दो बच्चों ने डरकर दे दी जान 12 वर्षीय बच्चे ने पिता के यूपीआई से उड़ाए हजारों: पुरानी छावनी निवासी 40 वर्षीय युवक का 12 साल का बेटा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता है। मोबाइल गेम भी खेलता है। बच्चे को पिता के मोबाइल में चल रहे यूपीआई का पासवर्ड भी पता है। गेम में जीतने के चक्कर में उसने कभी 2 हजार तो कभी 5 हजार रुपए तक ऑनलाइन लगा दिए, लेकिन हर बार पैसे हार गया। खाते से पैसे कटने पर पिता ने बेटे से पूछताछ तो उसने गुमराह किया। मोबाइल गेम की लत में नाबालिग ने की खुदकुशी: हजीरा क्षेत्र में मोबाइल गेम की लत ने एक नाबालिग की जान ले ली। बच्चा लंबे समय से ऑनलाइन गेम खेलने का आदी हो गया था। अक्सर गेम में पैसे लगाने के लिए माता-पिता से पैसे मांगता था। कई बार पिता के मोबाइल से चोरी से पैसे भी निकाले। कुछ दिनों पहले परिजनों ने उसका मोबाइल छीन लिया। जब मोबाइल नहीं मिला तो आवेश में आकर नाबालिग ने खुदकुशी कर ली। 35 हजार हारने के बाद बच्चे ने डरकर दे दी जान: उदयभान रावत का 16 वर्षीय बेटा विकेश डबरा में पढ़ाई करता था। विकेश को मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। गेम के चक्कर वह 35 हज़ार रुपए हार गया। पैसे हारने के तनाव में छात्र ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। पुलिस ने ठगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। एक्सपर्ट – डॉ. मुकेश चंगुलानी, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ 14 साल से कम उम्र के बच्चों को स्मार्ट फोन न दें
14 साल से कम उम्र के बच्चों को स्मार्ट फोन न दें अगर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल या टैबलेट देना जरूरी हो, तो ऐसे डिवाइस इस्तेमाल करें जो एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित हों। अपने यूपीआई आईडी, नेट बैंकिंग, पासवर्ड और ओटीपी जैसी वित्तीय जानकारी हमेशा सुरक्षित रखें और इन्हें बच्चों या किसी अजनबी से कभी साझा न करें। याद रखें बच्चे साइबर ठगों के आसान निशाने बन सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें और उन्हें भी डिजिटल सुरक्षा के नियम सिखाएं। जिम्मेदारी आपकी भी है मोबाइल दें, नजर भी रखें
टीआई साइबर क्राइम धर्मेंद्र सिंह कुशवाह बताते हैं कि सोशल मीडिया की लत बच्चों में बढ़ रही है। कई बच्चे माता-पिता के खातों से पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और डर या शर्म के कारण बताते नहीं हैं। ठगों और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का दबाव उन्हें गलत कदम उठाने पर मजबूर कर देता है। ऐसे मामलों से बचने के लिए जरूरी है कि परिजन बच्चों पर नजर रखें।


