बरवाड़ा में 110 साल पुराने मंदिर की फिर हुई स्थापना:रेलवे लाइन के दोहरीकरण के चलते दशहरा में स्थापित हुआ बालाजी मंदिर

चौथ का बरवाड़ा कस्बे में तहसील कार्यालय के पास स्थित नाड़ी वाले बालाजी की शनिवार को फिर से स्थापना की गई। इस अवसर पर यहां भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण शोभायात्रा में शामिल हुई। कार्यक्रम के दौरान बालाजी के जयकारों से पूरा कस्बा गूंजायमान हो उठा। नाड़ी वाले बालाजी का मंदिर करीब 110 साल पहले से तहसील कार्यालय के सामने रेलवे लाइन के पास था। वर्तमान में जयपुर सवाई माधोपुर रेल लाइन दोहरीकरण के कारण यह मंदिर दूसरी लाइन पर आ गया है। जिसके चलते शनिवार को इस मंदिर की दशहरा मैदान में फिर से स्थापना की गई। कई धार्मिक कार्यक्रम हुए आयोजित इस अवसर पर विधि विधान के साथ सुबह करीब 10:00 बजे शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्त नाचते गाते शामिल हुए। साथ ही भगवान के जयकारे भी लगाते दिखे। शोभायात्रा बस स्टैंड मार्ग एवं सवाई माधोपुर मार्ग पर होकर दशहरा मैदान पर पहुंची। जहां पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साथ ही बालाजी प्रतिमा को पुराने स्थान से लेकर आए थे। जिसे विधि विधान के साथ दशहरा मैदान में बनाए गए नवीन मंदिर में स्थापित किया गया। मंदिर में मूर्ति स्थापना के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास से बड़ी संख्या में भक्त भंडारे में भोजन प्रसादी के लिए पहुंचे। शोभायात्रा के स्वागत के लिए जगह जगह स्वागत द्वार भी बनाए गए और आकर्षक सजावट की गई।

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