धनबाद आबकारी विभाग की टीम ने तीसरा थाना क्षेत्र के चांदकुइया बस्ती स्थित एक बीसीसीएल क्वार्टर में चल रही नकली अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। छापेमारी की भनक लगते ही फैक्ट्री के संचालक साधु चौहान और पवन चौहान मौके से फरार हो गए। दोनों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार इलाके में पिछले कई दिनों से अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विशेष निगरानी शुरू की गई और पुख्ता सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। गुप्त सूचना पर संयुक्त टीम की कार्रवाई आबकारी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें चांदकुइया बस्ती के बीसीसीएल क्वार्टर में नकली अंग्रेजी शराब तैयार किए जाने की गुप्त जानकारी मिली थी। इस सूचना के आधार पर तीसरा थाना पुलिस के साथ एक संयुक्त टीम बनाई गई और छापेमारी अभियान चलाया गया। टीम ने क्वार्टर को घेरकर अंदर तलाशी ली, जहां मिनी फैक्ट्री पूरी तरह संचालित मिल गई। अधिकारी के अनुसार फैक्ट्री में न केवल शराब तैयार की जा रही थी, बल्कि पैकिंग से लेकर ब्रांडिंग तक की पूरी व्यवस्था मौजूद थी। इससे स्पष्ट है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था और तैयार शराब बड़ी मात्रा में बाजार में सप्लाई की जा रही थी। 90 पेटी शराब, स्प्रिट और मशीनरी बरामद छापेमारी के दौरान टीम ने 90 पेटी नकली अंग्रेजी शराब, पैकिंग मशीन, रैपर, झारखंड सरकार के होलोग्राम, हजारों की संख्या में खाली बोतलें, कैप और करीब 200 लीटर स्प्रिट जब्त किया। इसके अलावा शराब बनाने में उपयोग होने वाले अन्य रसायन और सामग्री भी बरामद की गई है। जब्त नकली शराब की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपए आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि तैयार नकली शराब धनबाद के स्थानीय होटलों के अलावा बिहार के विभिन्न इलाकों में खपाई जाती थी। मुख्य आरोपियों पर केस दर्ज, गिरफ्तारी के लिए दबिश फरार संचालकों साधु चौहान और पवन चौहान के खिलाफ आबकारी थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क बड़ा हो सकता है और अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। जांच टीम इस गोरखधंधे से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।


