गड्‌ढे-धूल से फूटा विधायक का गुस्सा, इंजीनियर को फटकारा:आतिफ बोले-पुराने भोपाल में धूल उड़ा रखी है; क्या यहां के मालिक हो गए हो

पुराने भोपाल की सड़कों पर गड्‌ढे और धूल उड़ने से विधायक आतिफ अकील का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही मेट्रो इंजीनियर को फटकार लगा दी। कहा कि पुराने भोपाल में धूल उड़ा रखी है। क्या यहां के मालिक हो गए हैं। जहां चाहे वहां सड़कें खोद दी। तीन महीने से बोल रहा हूं, लेकिन कोई राहत नहीं। दरअसल, भोपाल के सिटी एरिया में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज का काम चल रहा है। सुभाषनगर से करोंद तक करीब 10 किलोमीटर तक मेट्रो रूट है। दो अंडरग्राउंड स्टेशन भी बनेंगे। वहीं, बाकी हिस्से में सड़क के ऊपर से मेट्रो गुजरेगी। कहीं पिलर खड़े हो रहे हैं तो कहीं अंडरग्राउंड काम चल रहा है। इस वजह से सड़कों की खुदाई भी की गई है। दूसरी ओर, हर रोज जाम के हालात भी बन रहे हैं। इसी वजह से भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार देर रात विधायक अकील अपने समर्थकों के साथ सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला क्षेत्र में पहुंचे। यहां पर मेट्रो के काम के चलते बेरिकेडिंग की गई है। उन्होंने मौके से ही ठेका कंपनी यूआरसी के इंजीनियर को फटकार लगा दी। साथ ही मेट्रो अफसरों से भी मोबाइल पर बात की। पूरी सड़क पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे कर दिए-विधायक
विधायक अकील ने इंजीनियर से कहा कि क्या यहां के मालिक हो गए हो। लोग गड्‌ढे में गिर रहे हैं। पूरी सड़क पर गड्‌ढे कर दिए हैं। जहां भी बेरिकेड्स लगाने हैं, खूब लगाओ, लेकिन लोग तो परेशान न हो। तीन महीने से बोल रहा हूं। चैंबर इतने ऊपर बना दिए कि लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। पहले लोगों से बातचीत करो और उन्हें पूरे प्रोजेक्ट के बारे में समझाओ, लेकिन ऐसा नहीं किया। इस वजह से पुराने शहर में धूल उड़ा रखी है। मंत्री गड़करी को पत्र लिखा- यहां डबल डेकर ब्रिज बनना चाहिए
नाराजगी को लेकर विधायक अकील ने बताया कि मेट्रो निर्माण के चलते पुराने शहर की सड़कों की खुदाई की गई है। वहीं, निर्माण भी तोड़े गए हैं। मैं पिछले 3 महीने से इस समस्या के बारे में मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों से बात कर रहा हूं, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। हाल ही में चैंबर भी बनाए, जो सड़क से काफी ऊंचाई पर है। इस कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बेरिकेडिंग की वजह से हर रोज ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इस कारण लाखों लोग परेशान हो गए हैं। पुराने शहर में मेट्रो के साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी जरूरी है। इसलिए पूर्व में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से पत्र लिखकर यहां डबल डेकर ब्रिज बनाने की मांग उठाई थी। पत्र में कहा था कि डबल डेकर ब्रिज बनने से मेट्रो और गाड़ियां आसानी से गुजर जाएंगी। इससे न सिर्फ जाम से राहत मिलेगी, बल्कि पार्किंग भी बनाई जा सकेगी। सेकेंड फेज में 8 स्टेशन बनेंगे
सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के रूट में कुल 2 फेज में काम हो रहा है। कुल 8.77 Km में से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन-पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद में बन रहे हें। वहीं, बाकी 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड है। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे।

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