खाचरौद में यूरिया की कमी इस कदर बढ़ गई है कि किसान सुबह चार बजे से ही मार्केटिंग सोसाइटी के बाहर लाइन लगाने लगे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि किसान अपनी जगह बचाने के लिए जमीन पर आधार कार्ड रखकर लाइन में ‘हाजिरी’ लगा रहे हैं। कई किसान बताते हैं कि वे दो बोरी यूरिया के लिए घंटों खड़े रहते रहते थक जाते हैं, इसलिए थोड़ी देर के लिए हटने पर अपनी जगह पर आधार कार्ड रख देते हैं ताकि नंबर न छूटे। स्टॉक कम, इसलिए सिर्फ दो बोरी सोसाइटी प्रबंधक वीरेंद्र तिवारी के मुताबिक अभी स्टॉक सीमित है, इसलिए एक किसान को सिर्फ दो बोरी ही दी जा रही है। अगर सप्लाई बढ़ी तो पांच बोरी तक भी दी जा सकती हैं। गेहूं की बुवाई शुरू होने के बाद यूरिया की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। संकट पर राजनीति गरमाई इधर यूरिया की किल्लत पर राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर, जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह भुंवसा और नगर पालिका अध्यक्ष सोसाइटी पहुंचे और किसानों से बात की। गुर्जर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा ने किसानों को हमेशा लाइन में खड़ा रखा, अब खाद के लिए भी परेशान कर रही है। सरकार को वितरण केंद्र बढ़ाने चाहिए। किसान चाहते हैं कि जल्द सप्लाई बढ़ाई जाए ताकि उन्हें बुवाई के महत्वपूर्ण समय में बार-बार लाइन की परेशानी न झेलनी पड़े।


