संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ शनिवार को सआदत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर कल्पना अग्रवाल के साथ आउटडोर, इनडोर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। इसके अलावा उन्होंने मरीजों, अस्पताल स्टाफ और पीएमओ से भी बातचीत की। इस दौरान मरीजों ने भी अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि हाल खराब हो रहे है। मरीजों ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी सोनोग्राफी के लिए वेटिंग ज्यादा होने, दवा वितरण के दो काउंटर बंद होने और दवाइयां पूरी नहीं मिलने के कारण आ रही है। इन समस्याओं को लेकर संभागीय आयुक्त राठौड़ ने आश्वस्त किया कि वे इसके लिए उच्च स्तर पर बात करेंगे और व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास करेंगे। दरअसल, चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त व व्यवस्थित करने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर शनिवार को संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ टोंक जिला अस्पताल पहुंचे थे। संभागीय आयुक्त और कलेक्टर ने आउटडोर चिकित्सीय व्यवस्था जांचने के बाद इंडोर में भर्ती मरीजों से बातचीत की और फीडबैक लिया। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने फ्री दवाओं का अस्पताल में के अभाव के साथ ही सोनोग्राफी के लिए 15 से 20 दिन वेटिंग की भी शिकायत की। संभागीय आयुक्त ने अस्पताल व जिला प्रशासन के अधिकारियों को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने पीएमओ डॉक्टर हनुमान प्रसाद बैरवा से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। इसमें सामने आया कि एक ही सोनोलॉजिस्ट है। वह भी सोनोग्राफी करने के साथ साथ अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्त रहता है। इस पर संभागीय आयुक्त राठौड़ ने कहा कि इस मामले में सरकार से बताकर कमी को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।


