सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने रविवार रात 11 बजे नगरपालिका परिषद की ओर से संचालित आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसके कुशल संचालन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में ठंड बढ़ने के कारण आश्रय स्थलों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। प्रचार-प्रसार के निर्देश ताकि लोग उठा सकें लाभ जिला मुख्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से काम के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में ठहरने के लिए आश्रय स्थल का उपयोग करना चाहिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आश्रय स्थल की सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ ले सकें। साथ ही, उन्होंने ठंड के दौरान नगर के प्रमुख स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जानकारी मिले, तो उसे आश्रय स्थल पहुंचाने में मदद करें। गर्म पानी के लिए गीजर की व्यवस्था की गई मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल ने बताया कि आश्रय स्थल में पुरुषों और महिलाओं के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था है। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त कंबल, गर्म पानी के लिए गीजर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।


