खान विभाग को इस साल 12 हजार करोड़ का राजस्व टारगेट मिला है। पिछले साल यह 9200 करोड़ का था। इस 30% ज्यादा राजस्व को हासिल करने के लिए खान विभाग ने टैक्स चोरी और खनन गतिविधियों में अनियमिताओं पर लगाम लगाने का निर्णय लिया है। विभाग प्रदेश की बंद 8 हजार खानों का सर्वे करेगा। इसमें ड्रोन और गूगल इमेज की भी मदद ली जाएगी। प्रदेश में 33 हजार जगह वैध खनन है। इनमें 18 हजार खान कैटेगरी और शेष क्वारी लाइसेंस हैं। खान कैटेगरी में चल रहे 18 हजार में से 10,060 में ही उत्पादन हाे रहा है। शेष या तो बंद हैं या जीरो प्रोडक्शन बताई जा रही हैं। अब इंजीनियरों काे हर माह 5 से 6 खदानों के उत्पादन के उतार-चढ़ाव का विश्लेषण करना हाेगा। ड्रोन सर्वे से दुर्गम जगह गड़बड़ी पकड़ना आसान होगा: अधीक्षण खनिज अभियंताओं को सौंपी गई है जिम्मेदारी
“अब खानों में खनन उत्पादन और रॉयल्टी ट्रेंड का विश्लेषण होगा, ताकि उत्पादन के उतार-चढ़ाव पर निगरानी रख सकें। यह जिम्मेदारी वृत स्तर पर अधीक्षण खनिज अभियंताओं को दी गई है।”
-टी. रविकांत, प्रमुख सचिव माइंस


