जबलपुर पुलिस ने 3 साल से फरार डेढ़ लाख के इनामी खनन माफिया अमित खंपरिया को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। वह फरारी के दौरान अपने पिता अनिरुद्ध चतुर्वेदी के साथ किराए के अपाॅर्टमेंट में रह रहा था। इस दौरान अमित ने मुंबई के एक बड़े अस्पताल में सर्वाइकल का इलाज कराया। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए नेपाल भागने जाने की अफवाहें भी उड़ाता रहा। उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह दो-दो बंदूकधारियों के साथ नजर आ रहा है। पुलिस को अनुमान है कि कई लोगों ने उससे डरकर शिकायतें नहीं की होगी। अब उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है, ऐसे में अगर और भी पीड़ित सामने आते हैं तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, 5 दिसंबर को रात में उसे गिरफ्तार करने के बाद जबलपुर पुलिस ने 6 दिसंबर को उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से 3 तीन की रिमांड ली गई है। मामा की सरनेम करने लगा यूज
अमित खंपरिया पर उमरिया और सतना में कई आपराधिक मामले दर्ज हो गए थे। जिसके बाद वह जबलपुर आ गया। पुलिस से बचने के लिए वह मामा का सरनेम लगाने लगा। जबलपुर में रहते हुए उसने अपने सारे दस्तावेज वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड भी इसी नाम से बनवा लिए। धीरे-धीरे लोग उसे अमित खंपरिया के नाम से ही जानने लगे। उमरिया, सतना में अपराध करने के बाद जब ये जबलपुर आया तो इसने 2010 में मारपीट की। जिसके बाद भेड़ाघाट थाने में इसके खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा का मामला दर्ज किया गया। 2011 में मंडला में हुई FIR
मामा प्रकाश खंपरिया के साथ रहते हुए इसने 2010-11 में मंडला जिले के खटिया थाना क्षेत्र में स्थित इंद्री गांव के पास कन्हार नदी पर बने टोल का ठेका लिया था, जो कि कान्हा नेशनल पार्क को जोड़ती है। अमित ने टोल ठेके में बैंक गारंटी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज पिता अनिरुद्ध प्रसाद सिंह चतुर्वेदी, मौसा रामजी द्विवेदी के नाम के लगाए थे। अमित और टोल ठेके पर मौजूद उसके गुर्गे कान्हा नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों से तय राशि की बजाय तीन से चार गुना अधिक टोल टैक्स वसूलने लगे। 31 मई और 7 जून 2011 को उसके खिलाफ खटिया थाने में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने अमित खंपरिया के साथ पिता अनिरुद्ध प्रसाद, मौसा रामजी द्विवेदी, दशरथ प्रसाद तिवारी, गौरव माली, अनूप उर्फ अरुण जयसवाल, उमेश पांडे, मोनू दुबे को आरोपी बनाया था। धोखाधड़ी के दोनों प्रकरणों में तृतीय सत्र न्यायाधीश डीआर अहिरवार की कोर्ट ने 22 सितंबर 2021 को पांच-पांच साल का कठोर कारावास और 1-1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया था। 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा
टोल के काम में करोड़ों रुपए की ठगी करने के बाद अमित खंपरिया ने राजनीति में कदम रखा। 2018 में अमित ने जबलपुर की उत्तर-मध्य विधानसभा से चुनाव के लिए सर्व समाज कल्याण पार्टी के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फार्म भरा। बाद में उसने भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कर दिया। हालांकि, भाजपा काे भी यहां पर हार का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के बाद हाइकोर्ट से मिली जमानत
धोखाधड़ी के इस मामले में मंडला पुलिस ने अमित खंपरिया के साथ उसके साथी गौरव माली, रज्जन ठाकुर, अमित पांडे, श्रीकांत शुक्ला, शनि ठाकुर, अजय बाल्मीकी की तलाश शुरू कर दी थी। 24 फरवरी 2022 को अमित खंपरिया को मंडला पुलिस ने कटनी-उमरिया मार्ग से गिरफ्तार किया था। कुछ दिन बाद अमित खंपरिया के दिल में अचानक दर्द उठा, इलाज के लिए उसे मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में रहते हुए उसने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। मार्च 2022 के पहले सप्ताह में ही उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद से अमित फरार था। अमित खंपरिया ने पार्टनर बनाकर की ठगी विदेश भागने की फिराक में था
एएसपी जितेंद्र सिंह ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि 2010 से 2024 के बीच 17 आपराधिक मामले दर्ज थे। 11 अपराध अंडर ट्रायल है, 5 विवेचना में है, और 2 में 5-5 साल की सजा भी हुई है। आरोपी इतना शातिर था कि फरारी मध्यप्रदेश में काटता था, पर उसको लेकर अफवाह उड़ती थी कि वह जल्द ही नेपाल या फिर दूसरे देश भागने की फिराक में है, जिसको लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल
खनन माफिया अमित खंपरिया ने करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा किया है। फरार आरोपी अमित खंपरिया के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच में हुई सुनवाई में जबलपुर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट पेश की, मगर अदालत ने इसे अधूरी और औपचारिक करार दिया। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में सिर्फ यह बताया गया है कि खंपरिया दिसंबर 2023 से फरार है। उस पर इनाम घोषित किया गया है। लेकिन, ठोस कार्रवाई का कोई सबूत नहीं दिया गया। यह खबर भी पढ़े…
जबलपुर का इनामी खनन माफिया गिरफ्तार करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े कर लंबे समय से फरार चल रहे खनन माफिया अमित खंपरिया आखिरकार पुलिस गिरफ्त में आ ही गया। जबलपुर पुलिस ने नागपुर से उसे उस दौरान गिरफ्तार किया, जब वह पिता और भतीजी के साथ किराए का अपार्टमेंट लेकर रह रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…


