देवास जिले में शराब ठेकेदार महेश मकवाना की खुदकुशी के 27 दिन बाद शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में मकवाना ने आरोप लगाया कि सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित हर माह 7.50 लाख रुपए की घूस मांग रही थीं। तनाव के चलते मकवाना ने आत्महत्या का निर्णय लिया। वीडियो वायरल होते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया। वाणिज्यिक कर विभाग ने कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं और सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की गई है और आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच जारी है। यह मामला प्रथम दृष्टया गंभीर श्रेणी का है। देवास जिले के प्रभारी वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस प्रकरण पर नजर रखते हुए सहायक आबकारी आयुक्त पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह पहली बार सामने आया है कि किसी शराब ठेकेदार ने रिश्वत की मांग का आरोप लगाते हुए आत्महत्या की है। यह घटना आबकारी विभाग के लिए गंभीर चेतावनी है। जांच में आरोपी अधिकारी की भूमिका और अन्य संभावित लापरवाहियों का पता लगाया जा रहा है। पहले भी लग चुके हैं आरोप


