अगस्त 2023 में वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों को चौंका दिया था। इसमें कुछ लोग तेंदुए के ऊपर सवारी करते हुए दिख रहे थे। वीडियो देवास जिले के इकलेरा माताजी गांव का था। वन विभाग ने तुरंत तेंदुए को रेस्क्यू किया। इलाज में सामने आया कि तेंदुए को कैनाइन डिस्टेंपर नाम की खतरनाक बीमारी है, जिससे वह अपने जंगली स्वभाव को भूल गया है। चिकित्सकों के अनुसार, इस बीमारी के शिकार वन्य प्राणी की मौत हो जाती है। लेकिन, यह देश का एकमात्र तेंदुआ है, जिसने इस बीमारी को मात दे दी हालांकि जंगली जीवन में वापस नहीं लौट पाया। नेपाल में चार तेंदुए मर चुके…कैनाइन डिस्टेंपर खतरनाक बीमारी है जो आमतौर पर कुत्तों में पाई जाती है, लेकिन जंगली मांसाहारी प्रजातियां भी इससे संक्रमित हो सकती हैं। नेपाल में इसी बीमारी से चार तेंदुओं की मौत हो चुकी है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। दिमाग पर असर; शिकार भूल गया, कैद अच्छी लगने लगी
अधिकारियों के अनुसार, वायरस के असर से तेंदुआ अपने स्वभाव को पहचान ही नहीं पा रहा। कई दिनों की ट्रैकिंग में वह अपने बाड़े या पिंजरे के आसपास ही घूमता रहा। वन विभाग अब विशेषज्ञों से राय ले रहा है। खिवनी सेंचुरी में उसके लिए अलग बाड़ा है। चार कर्मचारी निगरानी करते हैं। खिवनी के फॉरेस्ट एसडीओ विकास महोरे के अनुसार, विभाग के सामने चुनौती है कि उसे दोबारा वन में कैसे पुनर्वासित किया जाए। बीमारी से बाड़े तक की कहानी


