भाजपा संगठन चुनाव की हलचल तेज:शहर के अधिकांश मंडल अध्यक्ष घोषित, देहात का अभी इंतजार; जिलाध्यक्ष के दावेदार बढ़े

भारतीय जनता पार्टी की संगठन चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। बीकानेर में शहर भाजपा और देहात भाजपा के अलग-अलग अध्यक्ष चुने जाने हैं। शहर अध्यक्ष बनाने के लिए गंगाशहर को छोड़ शेष सभी मंडलों के अध्यक्ष बन गए हैं। वहीं देहात अध्यक्ष के लिए अब तक एक भी मंडल अध्यक्ष बनना मुश्किल है। इस चुनाव में पार्टी की अंदरुनी राजनीति भी उभरकर सामने आ गई है। शहर अध्यक्ष के लिए बीकानेर के जिन मंडल अध्यक्षों की घोषणा की गई है, उनमें रानी बाजार मंडल से मुकेश सैनी, नयाशहर मंडल से विशाल गोलछा, पुराना शहर मंडल से आशा आचार्य, लालगढ़ मंडल से धर्मपाल डूडी, जूनागढ़ मंडल से देवरूप शेखावत, मुक्ताप्रसाद मंडल से कपिल शर्मा, शिवबाड़ी मंडल से अभय पारीक, गोपेश्वर मंडल से प्रेम गहलोत, जस्सूसर गेट मंडल से दिनेश चौहान को अध्यक्ष चुना गया है। अभी गंगाशहर मंडल से अध्यक्ष का फैसला होना शेष है। कौन होगा शहर अध्यक्ष बीकानेर भाजपा शहर अध्यक्ष के लिए कई दावेदार मैदान में है। मंडल अध्यक्ष बनाने के मामले में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द व्यास का प्रभाव पूरी तरह रहा है। ऐसे में व्यास अपने हिसाब से ही नए शहर अध्यक्ष का चयन करवा सकते हैं। विधायक व्यास ने दो नामों को आगे किया है। जिन नामों पर फिलहाल चर्चा चल रही है उनमें पूर्व मेयर नारायण चौपड़ा और पूर्व डिप्टी मेयर राजेंद्र पंवार भी शामिल है। इसके अलावा यूआईटी के पूर्व चेयरमेन महावीर रांका और वर्तमान शहर भाजपा महामंत्री मोहन सुराणा भी आमने-सामने हैं। वहीं एक गुट विजय आचार्य को ही फिर से शहर अध्यक्ष बनाने में जुटा है। देहात में संघर्ष ज्यादा उधर, देहात भाजपा में अध्यक्ष बनाने के लिए संघर्ष ज्यादा करना पड़ रहा है। इसमें केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की विशेष भूमिका रहेगी। देहात से इस बार छ:न्याति ब्राह्मण नेता को अवसर मिल सकता है। इसमें कोलायत से पार्टी महामंत्री श्याम पंचारिया का नाम दौड़ में आगे चल रहा है। इसके अलावा श्रीडूंगरगढ़ के छैलू सिंह, श्रीडूंगरगढ़ के ही रामेश्वर पारीक, नोखा के कन्हैयालाल सियाग को देहात अध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग हो रही है। कई नेताओं के लिए उम्र आड़े आई दरअसल, शहर व देहात अध्यक्ष के लिए कई युवा और वरिष्ठजन भी अध्यक्ष के दावेदार थे लेकिन पार्टी इस बार ब्लॉक अध्यक्ष के लिए 35 से 45 साल का और अध्यक्ष के लिए 45 से 55 साल की आयु का मानदंड तय कर दिया। ऐसे में पहले से चयनित कई मंडल अध्यक्षों को पीछे होना पड़ा। वहीं शहर व देहात अध्यक्ष की दौड़ से भी कई बड़े नेता बाहर हो गए। अर्जुनराम आज बीकानेर में केंद्रीय कानून मंत्री और बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल आज बीकानेर में है। मेघवाल के समक्ष भी संगठनात्मक चुनाव की चुनौती है। वो कई नेताओं से आज चुनाव के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। वहीं कुछ नेता उनके समक्ष अपना दावा पेश करेंगे। शहर अध्यक्ष के दावेदार उनके मुख्य समर्थकों की सूची में शामिल है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *