छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कई मेडिकल स्टोर में बिना डॉक्टर पर्ची दवाओं की बिक्री करने का मामला सामने आया है। संचालकों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दवाई बेची। इसका खुलासा तब हुआ जब प्रशासन की संयुक्त टीम अचानक मेडिकल स्टोर में जांच करने पहुंची। खरसिया क्षेत्र में संचालित अलग-अलग मेडिकल दुकानों की जांच की गई। जहां बिना पर्ची नशीली दवाओं की बिक्री की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान कुछ दवाई बिना पर्ची के मिली जिसके बाद संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। संचालकों को थमाया नोटिस 6 दिसंबर को संयुक्त टीम ने खरसिया के टीआईटी काॅलोनी स्थित राजेश मेडिकल, अशोक मेडिकल, दीपक मेडिकल स्टोर, रेलवे स्टेशन रोड और भागवत मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान राजेश मेडिकल में दो नशीली दवाएं कोरेक्स, कोफ-विक्स-का डॉक्टर के पर्ची के बिना बिक्री पाया। जिसके कारण स्टोर संचालक को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम 1945 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह भागवत मेडिकल स्टोर में नशीली दवाओं का विक्रय रिकॉर्ड व डॉक्टर की पर्ची मौके पर उपलब्ध नहीं पाई गई। साथ ही रिकॉर्ड में काफी कमी को देखते हुए यहां भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मेडिकल संचालकों को दिए निर्देश टीम ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार की नशीली दवा बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के न बेचें और रिकॉर्ड को संधारित करने की बात कही। साथ ही सिरिंज जैसी चिकित्सीय वस्तुओं के बिल समेत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में संबंधित विभाग को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधात्मक दवाओं, नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने और निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा उस शिकायत के आधार पर की गई।


