उत्तर भारत से पहुंच रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में ठंड का असर तेजी से बढ़ गया है। इसका सीधा प्रभाव दिन और रात दोनों समय के तापमान पर पड़ा है। उज्जैन में भी पिछले चार दिनों में पारा दो डिग्री तक नीचे चला गया है। दिन में ठंडी हवा चलने से शीतलहर जैसे हालात बन रहे हैं और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों से आने वाली तेज ठंडी हवाओं ने मौसम को और ठंडा कर दिया है। इससे पहले एक सप्ताह तक दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का मिश्रित असर बना हुआ था, लेकिन पिछले दो दिनों से मौसम पूरी तरह सर्द हो गया है। रात और सुबह के समय ठंड काफी तेज हो गई है। दिन में धूप निकलने पर हल्की राहत जरूर मिलती है, लेकिन हवा की ठिठुरन ठंड का असर बनाए रखती है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। रविवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 11 डिग्री दर्ज हुआ। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आर.पी. गुप्त के अनुसार, उत्तर दिशा से लगातार चल रही बर्फीली हवाएं ही तापमान में गिरावट का मुख्य कारण हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी यही स्थिति बनी रहेगी और न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है। पिछले पांच वर्ष में न्यूनतम तापमान की स्थिति वर्ष न्यूनतम तापमान 20-12-2020 – 6.5
20-12-2021 – 5.0
29-12-2022 – 8.8
23-12-2023 – 9.8
14-12-2024 – 6.0


