विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने 6 दिसंबर शनिवार रात को शौर्य दिवस मनाया। यह आयोजन नीमच के भारत माता चौराहे पर हुआ, जिसमें विहिप के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और भारत माता की आरती की। जिला धर्म प्रचार प्रसार प्रमुख विनोद जयसवार ने बताया कि शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं ने पहले जमकर आतिशबाजी की। इसके बाद श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और फिर भारत माता की आरती संपन्न हुई। विभाग गौ रक्षा प्रमुख लक्ष्मण राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब हिंदू संस्कृति पर विदेशी आक्रांताओं ने हमला किया है, तब-तब संतों, महात्माओं, महापुरुषों और हिंदू योद्धाओं ने हिंदू मान बिंदुओं की रक्षा के लिए आगे बढ़कर संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर को गीता जयंती के दिन ही हमारे स्वाभिमान को विजय मिली थी। राम जन्मभूमि 600 वर्षों के संघर्ष और हजारों बलिदानों के बाद मुक्त हुई। यह त्याग और बलिदान की परंपरा सदियों से चली आ रही है, चाहे वह कृष्ण जन्मभूमि हो, काशी विश्वनाथ मंदिर हो, सोमनाथ मंदिर हो या अयोध्या की राम जन्मभूमि। राठौड़ ने आगे कहा कि देश की आजादी के बाद भी हम अपने मान बिंदुओं को दासता से मुक्त नहीं कर पाए थे। यही कारण है कि हिंदू समाज को एक बार फिर आवाज उठानी पड़ी। अयोध्या श्री राम जन्मभूमि संघर्ष इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसकी कार सेवा में असंख्य साधु-संतों और राम भक्तों का बलिदान हुआ। 6 दिसंबर 1992 को गीता जयंती थी, जो इस दिन को और भी खास बनाती है। इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद के विभाग गोरक्षा प्रमुख लक्ष्मण राठौर, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, जिला धर्म प्रसार प्रचार प्रमुख विनोद जायसवार, जिला सामाजिक समरसता प्रमुख दिनेश शर्मा, जिला सेवा प्रमुख संजय चौरसिया, जिला मिलन साप्ताहिक प्रमुख कपिल बैरागी, प्रखंड संयोजक पवन जायसवार, प्रखंड मंत्री नितिन बागड़ी, प्रखंड सहसंयोजक तूफान सिंह धनगर, पवन पुरोहित, प्रखंड सुरक्षा प्रमुख राजू धनगर, प्रखंड शासन प्रमुख मांगीलाल मकवाना, प्रखंड सत्संग प्रमुख रवि परिहार, प्रखंड धर्म प्रसार प्रचार प्रमुख विनोद गोठवाल, गौतम बैरागी, बाबूलाल धाकड़, राजेश सोलंकी, सुनील यादव, संदीप वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


