कोटपूतली में एक सीमेंट प्लांट के खिलाफ जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना 1094वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने खनन विभाग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्णयों की पालना न करने का आरोप लगाया है। इस विरोध के चलते ग्रामीण सोमवार से जिला कलक्टर कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। समिति के सचिव कैलाश यादव और प्रभुदयाल गुरुजी ने बताया- एनजीटी भोपाल ने जिला कलक्टर को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया था। इसके तहत, एसडीएम कोटपूतली ने संबंधित विभागों और सीमेंट प्लांट को गांव, स्कूल, मंदिर और अन्य संवेदनशील संरचनाओं से 500 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग न करने के निर्देश दिए थे। सीमेंट कंपनी पर आदेश का उल्लंघन का आरोप सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया- खनिज विभाग और तहसीलदार की टीम ने जोधपुरा संघर्ष समिति के सदस्यों की उपस्थिति में निषेध क्षेत्र का सीमांकन किया था। सीमेंट कंपनी को प्रतिबंधित क्षेत्र में ब्लास्टिंग रोकने और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि इन निर्णयों और आदेशों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। गांव में गंभीर बीमारियां फैलने का डर ग्रामीणों ने बताया- रात के समय तेज आवाज और गंभीर प्रदूषण के कारण नींद लेना मुश्किल हो गया है। इससे दमा, श्वास और एलर्जी जैसी बीमारियों से जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीमेंट प्लांट पर करीब 100 करोड़ रुपए के अवैध खनन (लाइमस्टोन पत्थर चोरी) की पेनल्टी निकाली गई थी, लेकिन बाद में इसे केवल 37 करोड़ रुपए में निपटा लिया गया। ग्रामीणों ने इसकी संपूर्ण जांच पत्रावली उपलब्ध कराने की मांग की है। धरने में ये रहे शामिल धरने के दौरान समिति उपाध्यक्ष सतपाल यादव, हरभगत बाबूजी, लीलाराम यादव, दिनेश यादव, विजय यादव, रामनिवास योगी, अजय योगी, लीलाराम योगी, हरिराम यादव, रामनिवास वर्मा, श्रीपाल यादव, राकेश योगी, सचिन यादव, मूलचंद योगी, प्रकाश सोरेला, हरिसिंह सोरेला, सीताराम आर्य, सूबेसिंह मीणा, भूपसिंह धानका सहित कई ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।


