कोटा के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में स्थित बसंत विहार इलाके में देर रात चाय गढ़ कैफे पर मारपीट और हंगामे का मामला सामने आया है। घटना के बाद कॉलोनीवासियों ने कैफे को तुरंत बंद कराने की मांग तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कैफे लंबे समय से कॉलोनी में अव्यवस्था फैला रहा है और देर रात तक खुले रहने के कारण कॉलोनी के माहौल पर गलत असर पड़ रहा है। कॉलोनी निवासी ललित शर्मा ने बताया की कैफे देर रात तक खुला रहता है, जहां नाबालिग लड़के-लड़कियां कैफे के बाहर सिगरेट पीते हैं और शोरगुल करते हैं। कॉलोनी में बच्चों और महिलाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे पहले भी कैफे को बंद करवाने की मांग की थी और कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ललित शर्मा ने बताया कि घटना वाली रात वह अपने परिवार के साथ शादी समारोह से लौट रहे थे। कैफे के बाहर खड़ी कई बाइकों से रास्ता जाम था। जब उन्होंने कैफे मालिक को वाहन हटाने को कहा तो उसने बहस शुरू कर दी। ललित का आरोप है कि कैफे में नाबालिग युवाओं को सिगरेट और पार्टी करते देख उन्होंने वीडियो बनाना चाहा, तभी कुछ युवकों ने उनका मोबाइल छीनकर मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी, बेटी और भाई के साथ भी धक्का-मुक्की की गई और उनकी सोने की चेन तक छीन ली गई। ललित शर्मा को चोटें आई हैं और उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस मामले में कॉलोनीवासियों ने कैफे संचालक फैजान अंसारी, संदीप और अन्य युवकों के खिलाफ भी रिपोर्ट दी है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि कैफे से रोजाना शोर-शराबा, उत्पात और देर रात तक चलने वाली गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं, और अब मारपीट की घटना के बाद वे सामूहिक रूप से कार्रवाई चाहते हैं। दादाबाड़ी थाना अधिकारी बलदेव राम ने बताया कि कैफे के बारे में कॉलोनीवासियों की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। देर रात पार्किंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया। दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और मामले की जांच जारी है।


