देवास के बांगर स्थित श्रीदत्त पादुका मंदिर परिसर में श्री दत्त जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया। पिछले 50 वर्षों से आयोजित हो रहे इस भंडारे में इस साल 40 हजार से अधिक भक्तों ने महाप्रसादी ग्रहण की। इनमें मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु शामिल हुए। भंडारे का शुभारंभ सुबह 11 बजे भगवान श्री दत्तात्रेय की आरती के साथ हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा। भक्तों की सुविधा के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए चार अलग-अलग कतारें लगाई गई थीं, जिससे व्यवस्था सुचारु बनी रही। मंदिर व्यवस्थापक और पुजारी दत्त प्रसाद कुलकर्णी ने बताया कि भंडारे की तैयारियां दो दिन पहले ही शुरू हो गई थीं। देवास, इंदौर, उज्जैन और आसपास के गांवों से आए 500 से अधिक दत्त सेवा मंडल के सेवकों ने व्यवस्थाएं संभालीं। कार्यकर्ताओं ने अपनी पूर्व निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस एक दिवसीय भंडारे के लिए 4 बीघा क्षेत्र में टेंट लगाए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाहनों की पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था की गई। कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों तक प्रसादी पहुंचाने की विशेष व्यवस्था की, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। सभी श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान दत्तात्रेय के दर्शन कर रहे थे और ‘भगवान दत्तात्रेय की जय’ तथा ‘दिगंबरा दिगंबरा’ के जयघोष लगा रहे थे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को ‘स्वस्थ मन – स्वस्थ शरीर’ और ‘स्वच्छता’ का संकल्प दिलाया गया। माइक के माध्यम से सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।


