महिला के पति को गुजरात पुलिस एक मामले में गिरफ्तार कर ले गई। यह बात राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक पुलिसकर्मी को पता थी। पुलिसकर्मी ने रिश्तेदार हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के साथ मिलकर महिला के घर लूटपाट की साजिश रची। लूट से पहले बदमाशों के साथ बैठकर शराब पी और 3 दिसंबर की रात 9 बजे महिला के घर में घुसकर पिस्तौल की नोक पर 5 लाख रुपए और ज्वेलरी लूट ली। रविवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने कॉन्स्टेबल समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला बाड़मेर जिले के शिव थाना इलाके के रामपुरा कोटड़ा गांव का है। घटना में शामिल कॉन्स्टेबल समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से 2 हिस्ट्रीशीटर हैं। जिनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कई केस दर्ज हैं। पति को गुजरात पुलिस ने पकड़ा तो रची लूट की साजिश बाड़मेर एएसपी जसाराम बोस ने बताया – थाना इलाके के रामपुरा कोटड़ा गांव में रहने वाली महिला भावना अहीर (45) के घर लूटपाट की गई। महिला एक बेटे और एक बेटी के साथ रामपुरा कोटड़ा में रहती है। भावना का पति शिरीष अहीर मूल रूप से गुजरात के नवसारी के खैरगांव का रहने वाला है। रामपुरा कोटड़ा में शिरीष की 16 बीघा जमीन है। इसी पर बने घर में शिरीष की पत्नी भावना और दो बच्चे बेटी रवि और बेटा वेद रहते हैं। बाकी जमीन पर खेती की जाती है। शिरीष ने यह जमीन महाबार निवासी बंशीलाल से खरीदी थी। बंशीलाल का बेटा गजाराम उर्फ गज्जू भी मकान में अलग रूम में सो रहा था। वह शिरीष के यहां खेती का काम संभालता है। कुछ दिन पहले गुजरात पुलिस ने एक मामले में शिरीष अहीर को गिरफ्तार किया था। वह अभी जेल में बंद है। यह जानकारी बाड़मेर पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल जगदीश पुत्र चांदाराम निवासी चाड़ी को थी। उसने अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर भावना के घर लूटपाट करने का प्लान बनाया। लूट से पहले शराब पार्टी की, प्लान बनाया 3 जनवरी की रात कॉन्स्टेबल जगदीश अपने रिश्तेदार बंशीलाल के खेत पर पहुंचा। वहां जगदीश, जेठाराम, मदन सिंह ने शराब पार्टी की। वे लोग भावना के घर में सो रहे गजाराम के इशारे का इंतजार करने लगे। गजाराम ने रात 9 बजे कॉन्स्टेबल जगदीश को फोन कर बुलाया। जगदीश की बाइक से जगदीश और मदन वहां पहुंचे। उन्होंने पहले घर का आगे का गेट खटखटाया था। किसी ने नहीं खोला तो पीछे का दरवाजा खटखटाया। कहा कि शिव थाने से पुलिस आई है। भावना ने दरवाजा खोला तो आधार कार्ड मांगा। भावना ने दरवाजा खोला तो दोनों अंदर आ गए। भावना ने कहा कि ऑरिजनल आधार कार्ड गुजरात है तो फोटोकॉपी मांगी। भावना अलमारी के पास आई तो जगदीश ने पिस्तौल की नोक पर 5 लाख रुपए और सोने-चांदी के गहने निकलवाए और फरार हो गए। भावना की बेटी रवि ने तुरंत शिव थाना पुलिस को सूचना दी। भावना ने शनिवार को FIR दर्ज कराई। बीते 15 दिनों से कर रहे थे प्लानिंग बाड़मेर एएसपी जसाराम बोस ने बताया – मदन सिंह को छोड़कर बाकी सभी आरोपी कॉन्स्टेबल जगदीश के रिश्तेदार है। ये लोग 15 दिनों से लूट की प्लानिंग कर रहे थे। पूछताछ में भावना ने बताया दोनों आरोपियों ने नकाब से मुंह ढंक रखा था। एक आरोपी (मदन सिंह) के सिर पर बाल नहीं थे। इससे पुलिस को क्लू मिला। घटना की सूचना पर बाड़मेर एएसपी जसाराम बोस, शिव थाना इंचार्ज दिनेश लखावत, रामसर सीओ मानाराम गर्ग, डीएसटी और एमओबी की टीम पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने टीम बनाकर पड़ताल की तो संदेह के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में सभी ने वारदात करना कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन जेठाराम 3 जनवरी की सुबह 11 बजे ट्रैक्टर लेकर भावना के खेत पर गया था। वहां खाना खाने के बाद उसने खेत की जुताई की थी और जीरे की फसल की बुवाई कर शाम को लौट गया था। इसी दौरान उसने लूट की प्लानिंग कर ली थी। रात को जेठाराम ने रिश्तेदार कॉन्स्टेबल और मदन सिंह के साथ शराब पार्टी कर लूट की साजिश रची थी। एसपी जसाराम बोस ने बताया- आरोपी कॉन्स्टेबल को बाड़मेर SP नरेंद्र सिंह मीणा ने सस्पेंड कर दिया है। जांच रामसर डिप्टी मानाराम गर्ग को दी गई है। कॉन्स्टेबल की जॉइनिंग साल 2011 में हुई थी। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस ने बताया- आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पीसी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी। इसमें पूरा खुलासा हो पाएगा कि वारदात के पीछे असल वजह क्या रही।


