झारखंड के कई हिस्सों में सब्जियों की अच्छी खेती होती है। इस बार भी पैदावार ज्यादा हुई पर यह किसानों के लिए मुसिबत बन गई। सब्जियों के भाव लगातार गिर रहे हैं। ऐसे में किसानों ने जो खर्च कर खेती की थी वो भी निकालना अब मुश्किल हो गया है। ऐसी स्थिति में किसान गुस्से में खेत में लगी टमाटर, पत्ता गोभी और फूल गोभी को बर्बाद करने पर मजबूर हो गए हैं। रामगढ़, हजारीबाग और लोहरदगा में किसान सब्जियों को या तो खेत में ही ट्रैक्टर से रौंद बर्बाद कर रहे हैं। या फिर मवेशियों को खिला रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि बाजार ले जाकार सब्जियों को बेचने का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में से सब्जियां अब हमारे काम की नहीं। किसान खेत में ही फसल को जला दे रहे
रामगढ़ में पत्ता गोभी और फूल गोभी की थोक मूल्य लगभग 2 से 4 रुपए के आसपास है। पालक अब 5 रुपए किलो हो गया है। टमाटर की स्थिति यह हो गई है कि किसान या तो खेत में ही फसल को जला दे रहे हैं या जोत देते हैं। रामगढ़ के किसान बताते हैं कि शादी ब्याह का समय भी अभी नहीं होने से सब्जी के भाव में गिरावट होना एक बड़ी वजह है। उनका कहना है कि हमें सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सब्जियों के अत्याधिक उत्पादन से हम लोग सब्जियां फेंक दे रहे हैं या अपने जानवरों को खिला दे रहे हैं। सोनडीहा के किसान छवि प्रसाद कहते हैं कि किसान कड़ी मेहनत कर सब्जियां उगाता है और इस तरह कौड़ी के भाव में बिकते देख उसकी आंखें छलक जाती हैं। एक ओर बाजार में लगातार सब्जियों के दाम गिर रहे हैं दूसरी ओर मौसम की मार से किसान त्रस्त हैं। मंडियों में सब्जी भरपूर मात्रा में पहुंच रही इधर, लोहरदगा के किसानों का कहना है कि सब्जी की खेती अब घाटे का सौदा हो गया है। कुड़ू बाजार के सब्जी मंडी में रविवार को थोक भाव में टमाटर 5 रुपए, आलू 10 रुपए, फूल गोभी 10 रुपए, बैंगन 5 रुपए, पत्ता गोभी 10 रुपए, मूली 10 रुपए बिक रहा है। इसके बाद भी खरीदार नहीं मल रहे हैं। झारखंड और बंगाल सहित कई राज्यों में सब्जियों का उत्पादन काफी हुआ है। मंडियों में सब्जी भरपूर मात्रा में पहुंच रही है। नतीजा यहां सब्जियों के कीमत में काफी गिरावट हो गई है।


