फिर डिजिटल अरेस्ट:बुजुर्ग ने जेवर गिरवी रखे, एफडी तोड़ी और ठगों को 27 लाख सौंपे

इतनी चेतावनी और जागरूकता अभियान के बाद भी साइबर ठगों को आतंक कम नहीं हो रहा है। इस बार बाणगंगा क्षेत्र के निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग जानकारी के अभाव में ठगों की धमकी से डर गए। 20 बदमाशों ने उन्हें टेलीकॉम अधिकारी बन कॉल किया और डराया कि उनके नाम से दो सिम एक्टिव हैं। दूसरी सिम और उनके आधार से मनी लॉन्ड्रिंग की जारी है। ठगों ने बुजुर्ग को धमकाया कि यदि उन्हें रुपए नहीं दिए तो वे मुंबई के कोलाबा में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा देंगे। 7 से 8 दिन तक लगातार बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने कभी सीबीआई तो कभी पुलिस अफसर बन उसने 27.60 लाख रुपए से ज्यादा हासिल कर लिए। इसके लिए बुजुर्ग ने अपने पुश्तैनी गहने तक गिरवी रखवा दिए और एफडी भी तुड़वा ली। सीबीआई अफसर बन गिरफ्तारी की धमकी दी
ठगों ने 20 नवंबर को पहली बार ​कॉल किया। 21 नवंबर को सुबह सीबीआई ऑफिसर बन धमकाया कि सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तारी होगी। घरवालों को बताने पर जान के खतरा है। बाद में एक और ठग ने दूसरा सीबीआई अधिकारी आनंद कुमार बन बात की। दो दिन बाद समझे कि उनके साथ ठगी हुई
बुजुर्ग ने बताया, डर कर मैंने 1 लाख रु. की एफडी तुड़वाकर उनके खाते में जमा करवा दी। म्यूचुअल फंड से भी 13 लाख जमा करवाए। फिर 27 नवंबर को अन्य खाते में 12.90 लाख जमा करवाए। बदमाश ने फिर जेवर गिरवी रखने तक को मजबूर कर दिया तो 12.60 लाख का गोल्ड लोन लेकर 13.50 लाख जमा किए। फिर पत्नी के खाते की जांच का डर दिखाकर 1.20 लाख भी ले लिए। दो दिन बाद जब फोन उठना बंद हुआ तो समझा कि मेरे साथ ठगी हुई है। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि पुलिस ने ठगी की राशि 27.60 लाख ही दर्ज की है।

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