यदि हौसला बुलंद हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती भी रोक नहीं सकती है। इंदौर की महिला टीआई और एथलीट राधा यादव ने इसे सच साबित किया है। राधा लॉन्ग जम्प व ट्रिपल जम्प की स्टार रहीं हैं, लेकिन 2017 में हादसे के बाद हाथ गंवाने की नौबत आ गई थी। हाथ में सात जगह हड्डियां टूटीं, रॉड लगी। डॉक्टरों ने खेलना लगभग नामुमकिन बताया था। इसके बाद भी राधा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तीन साल की रिकवरी के बाद 2021 में फिर खेलना शुरू किया। अब पिछले पांच साल में 15 से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें 5 गोल्ड हैं। पिछले महीने ही एशियाड चैम्पियनशिप की लॉन्ग जम्प में 22 देशों के 3000 एथलीटों के बीच राधा ने कांस्य पदक जीता। अभी तक 50 से वह अधिक पदक जीत चुकी हैं। रोज 5 घंटे प्रैक्टिस: साथ में नौकरी भी
राधा यादव शहर के ट्रैफिक थाने में टीआई के रूप में पदस्थ हैं। वह कभी भी प्रैक्टिस मिस नहीं करती हैं। ड्यूटी के हिसाब से प्रैक्टिस टाइम सेट करके रोज 5 घंटे अभ्यास करती हैं। राधा ने पुलिस स्टेट गेम्स में कुल 9 पदक अपने नाम किए थे। उन्होंने लॉन्ग जम्प, ट्रिपल जम्प व वेटलिफ्टिंग में भाग लिया था।, जिसमें उन्होंने पांच स्वर्ण और चार रजत पदक हासिल किए थे। जूनियर को भी देती हैं ट्रेनिंग राधा ने बताया कि वह जूनियर को भी ट्रेनिंग देती हैं। खासकर जो महिला आरक्षक हैं। उनका मानना है कि इससे महिला पुलिसकर्मियों की फिटनेस बनी रहेगी, साथ ही उन्हें भविष्य में अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के कई मौके भी मिलेंगे।


