भोपाल के तलैया इलाके में पुलिस टीम एक घर में सर्चिंग करने गई, जहां गांजा तस्करी की जानकारी मिल रही थी। लेकिन घर की महिलाओं ने पुलिस को अंदर जाने नहीं दिया, जिससे पुलिस को बिना कुछ किए लौटना पड़ा। टीआई सीबी राठौर ने बताया कि ये घर तस्करी के लिए चिह्नित था और यहां से गांजा तस्करी की सूचना मिल रही थी। टीआई के मुताबिक, इतवारा बस्ती में समुदाय विशेष के लोग रहते हैं, जो अक्सर अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। इन पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। सोमवार को बस्ती के एक परिवार के खिलाफ गांजा तस्करी की सूचना मिलने पर थाने की टीम दबिश देने पहुंची। हालांकि, घर की महिलाओं ने पुलिस को अंदर नहीं जाने दिया, जिससे कुछ भी हाथ नहीं आया और टीम को वापस लौटना पड़ा। आरोपियों को भगाने का पुराना तरीका आरोपियों को बचाने के लिए मोहल्ले की महिलाओं का यह पुराना तरीका है। पुलिस टीम को देखते ही वे विरोध शुरू कर देती हैं, जिससे कार्रवाई में देरी होती है। इस दौरान मादक पदार्थों को छिपाया जाता है और घर के पुरुषों को भागने का मौका मिल जाता है। युवक को घेरकर किए थे एक दर्जन वार 1 नवंबर की रात, ई-रिक्शा चालक आमिर चाय पीने के लिए इतवारा के पास पहुंचा था। यहां उसका सोम और उसके साथियों से विवाद हुआ। कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई, और सोम और उसके साथियों ने चाकुओं से हमला कर दिया। आरोपी सोम, तिलक और एक अन्य आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। घटना के चश्मदीद परवेज ने बताया कि हमले के दौरान वह अपनी जान बचाकर भाग गया था। आरोपी ने आमिर को घेरकर हमला किया, और आमिर ने अपनी जान बचाने के लिए एक घर में घुसकर शरण ली। आरोपियों ने आमिर पर एक दर्जन वार किए थे।” सामने आया था गांजा विवाद पुलिस का कहना था कि हमले के बाद आमिर और परवेज रात 3 बजे चाय पीने के लिए पहुंचे थे। वहीं, आरोपी की मां ने सामने आकर आरोप लगाया कि आमिर और परवेज गांजा लेने आए थे। इस बीच दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई।


