अजमेर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरपीएससी की सेकंड ग्रेड टीचर 2022 परीक्षा में बैठने वाले डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। आरोपी डमी कैंडिडेट ने 3 लाख रुपए लेकर एग्जाम दिया था। डमी कैंडिडेट ने उस परीक्षा को भी पास कर लिया था। आरपीएससी की ओर से जब काउंसलिंग की गई तो उसमें फोटो मैच नहीं होने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस पूर्व में मुख्य कैंडिडेट को गिरफ्तार कर चुकी है। डमी कैंडिडेट से पुलिस पूछताछ कर रही है। अभय कमांड एडिशनल एसपी गणेशराम ने बताया कि आरपीएससी की ओर से 2022 में सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। जिसमें कैंडिडेट जिला बाड़मेर निवासी जगदीश मेघवाल का परीक्षा केंद्र जोधपुर में आया था। कैंडिडेट के द्वारा एग्जाम पास करने के लिए अपने स्थान पर जिला जालौर के रहने वाले दीपाराम बिश्नोई को डमी कैंडिडेट बिठाया था। इस परीक्षा को डमी कैंडिडेट दीपाराम की ओर से पास कर लिया गया। फोटो मैच नहीं हुई तो हुआ खुलासा एडिशनल एसपी ने बताया कि आरपीएससी के द्वारा इस मामले में काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान मूल भरे गए फॉर्म और उपस्थिति पत्र की जांच की गई तो उसमें कैंडिडेट की फोटो मैच नहीं हुई। इसके बाद आरपीएससी के सामने फर्जीवाड़ा सामने आया था। आरपीएससी की ओर से सिविल लाइन थाने में जनवरी 2024 में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मूल कैंडिडेट जिला बाड़मेर निवासी जगदीश मेघवाल को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था। 3 लाख लेकर दी थी एग्जाम एडिशनल एसपी गणेशराम ने बताया कि पूर्व में कैंडिडेट जगदीश को पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। डमी कैंडिडेट दीपाराम फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर जिला जालौर के रहने वाले दीपाराम(31) पुत्र हरिराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी डमी कैंडिडेट ने करीब 3 लाख लेकर असली कैंडिडेट की जगह परीक्षा दी थी। पुलिस गिरफ्तार डमी कैंडिडेट से मामले में पूछताछ कर रही है।


