विदिशा में विकास कार्य ठप होने और नगर पालिका प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में भाजपा पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि 28 दिनों से धरने पर हैं। इसी क्रम में सोमवार को पार्षदों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। पार्षदों के अनुसार, उनका धरना 12 नवंबर से जारी है, लेकिन अब तक नगर पालिका प्रशासन या किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया है। उनका आरोप है कि शहर में सड़क, नालियां, सफाई व्यवस्था सहित सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जिससे विदिशा का विकास रुक गया है। धरने पर बैठे पार्षदों ने प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका कर्मचारियों पर मिलीभगत कर शहर को बदहाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि स्थिति गंभीर हो चुकी है। भाजपा पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति शर्मा के कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों में विकास कार्य सुचारू रूप से चले। हालांकि, पिछले एक वर्ष से विधायक के दखल के कारण विकास कार्य पूरी तरह रुक गए हैं। पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सक्सेना ने कहा कि शहर में भ्रष्टाचार चरम पर है, सड़कें बदहाल हैं और विकास कार्य बंद पड़े हैं। उन्होंने बताया कि 27 दिनों से धरना जारी है, लेकिन कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया। वार्ड क्रमांक 39 के पार्षद दीपक कुशवाह ने अपनी पार्टी की सरकार होने के बावजूद नेताओं पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता के हित में विकास की मांग करते हुए उन्हें मजबूरी में अर्धनग्न प्रदर्शन करना पड़ा, क्योंकि प्रशासन और नेताओं ने भ्रष्टाचार पर आंखें मूंद ली हैं। पार्षद प्रतिनिधि जमुना कुशवाह ने कहा कि शहर में कोई विकास नहीं हो रहा है और जनता परेशान है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य जनता को जागरूक करना और उन्हें अपने साथ लाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे केवल विकास की बात कर रहे हैं।


