जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर 15 दिसंबर को झालावाड़ सहित राज्य के सभी जिलों में आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर जिले के समस्त जिला, उपजिला, सैटेलाइट, सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी एवं उपस्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होंगे। इन आरोग्य शिविरों के साथ ही 15 दिसंबर को चिकित्सा संस्थानों पर रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने एक बैठक में निर्देश दिए थे कि सभी एनजीओ, पीटीएस, कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, सरकारी व निजी लैब, और हॉस्पिटल एसोसिएशन इन रक्तदान शिविरों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का विशेष सम्मान किया जाएगा। ये शिविर उपजिला चिकित्सालय डग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोहरथाना और रटलाई खेड़ संकुल झालावाड़ में आयोजित होंगे। शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की एनसीडी (गैर-संचारी रोग) स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाएगी। आशा कार्यकर्ता इन व्यक्तियों को शिविरों तक पहुंचने में मदद करेंगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य चिकित्सा संस्थानों पर आने वाले 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की बीएमआई, बीपी, शुगर और सामान्य कैंसर की जांच की जाएगी। यह जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। बीपी और शुगर में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को नियमानुसार उपचार दिया जाएगा और एनसीडी पोर्टल पर आभा आईडी के माध्यम से उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी। उन्हें बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव की सलाह भी दी जाएगी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आशा, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से टीबी के संभावित लक्षणों वाले रोगियों की पहचान की जाएगी। उनकी आवश्यक जांचें करवाई जाएंगी और टीबी रोगियों की पहचान होते ही तुरंत उपचार शुरू किया जाएगा। टीबी रोगियों को दानदाताओं, स्वयंसेवी संस्थानों और अन्य ‘निक्षय मित्र’ के माध्यम से पोषण किट का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, उनके खातों में सहायता राशि भी ट्रांसफर की जाएगी।


