प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 सीजन के लिए किसान 31 दिसंबर तक अपनी बोई गई फसलों का बीमा करवा सकेंगे। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऋणी किसानों के लिए योजना से बाहर होने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर निर्धारित की गई है, जबकि बीमित फसल में परिवर्तन की अंतिम तिथि 29 दिसंबर तय की गई है। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि रबी सीजन के लिए जिले में सरसों, तारामीरा, गेहूं, चना और जौ को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, फूलगोभी, मटर और आलू को मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित किया गया है। सभी फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम और बीमित राशि निर्धारित की गई है। सरसों के लिए 1373.79 रुपए प्रीमियम पर 91583 रुपए, तारामीरा के लिए 375.42 रुपए प्रीमियम पर 25028 रुपए, गेहूं के लिए 1388.63 रुपए प्रीमियम पर 92575 रुपए, चना के लिए 609.63 रुपए प्रीमियम पर 40642 रुपए और जौ के लिए 935.61 रुपए प्रीमियम पर 62374 रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि रहेगी। मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत फूलगोभी और मटर के लिए 4275 रुपए प्रीमियम पर 85500 रुपए, तथा आलू के लिए 7260 रुपए प्रीमियम पर 145200 रुपए प्रति हेक्टेयर का कवर मिलेगा। कृषि (विस्तार) के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बीमा नामांकन व्यवसायिक बैंकों, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और डाकघर के माध्यम से करवाया जा सकता है। फसल कटाई से पहले बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, तूफान, कीट, प्राकृतिक आग जैसे नुकसान और कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक चक्रवात, असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर भी बीमा दावा किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार का नुकसान होने पर काश्तकार को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है।


