इंदौर में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा:पारा 5.7 डिग्री गिरा, पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा; भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर

बर्फीली हवाओं की वजह से मध्यप्रदेश ठिठुरने लगा है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इंदौर में पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। रात में यहां पारा 5.7 डिग्री रहा, जो साल 2015 से 2024 के बीच सबसे कम है। 24 दिसंबर 2015 को सबसे कम टेम्प्रेचर 7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। देखिए आज के मौसम की तस्वीरें… इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम
अगले दो दिन तक प्रदेश में कोल्ड वेव और कोल्ड डे दोनों की ही स्थिति देखने को मिलेगी। इसका असर भोपाल, इंदौर में ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जो अगले कुछ दिन में हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इससे बारिश और बर्फबारी होगी। इस कारण उत्तरी हवाओं का असर लगातार बना रहेगा। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ेगी सर्दी
मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी रहेगी। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी सर्दी
मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन हैं। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 को तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा- इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंचीं। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने- जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए, दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी 20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव
मौसम एक्सपर्ट की मानें तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती हैं। इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का
मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब- प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है, जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया। पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई
इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20% से 30% तक बढ़ा देती है। ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसीं
ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20% से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं। पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना
पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड डे ला सकता है। MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में दिन-रात में ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। यहां आधा से पौन इंच तक बारिश हुई है। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है। इंदौर में 5 से 8 डिग्री के बीच रहा पारा
इंदौर में दिसंबर में रात का तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले साल तापमान 8.6 डिग्री तक पहुंच गया था। 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन में पारा 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहता है। इस महीने इंदौर में बारिश भी होती है। पिछले 4 साल से बारिश हो रही है। 31 दिसंबर 2015 को दिन का सर्वाधिक तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 27 दिसंबर 1936 की रात में टेम्प्रेचर 1.1 डिग्री रहा था। सर्वाधिक कुल मासिक बारिश वर्ष 1967 में 108.5 मिमी यानी 4.2 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 53 मिमी यानी 2.1 इंच बारिश 17 दिसंबर 2009 को हुई थी। ग्वालियर में सबसे ज्यादा सर्दी
ग्वालियर में दिन में गर्मी तो रात में ठंड रहती है। पिछले 10 साल में यहां अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। वहीं, रात में पारा 1.8 से 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 26 दिसंबर 1961 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री पहुंचा था। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी यानी 4.1 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 13 दिसंबर 2013 को 32.1 मिमी यानी 1.2 इंच हुई थी। जबलपुर में तेज रहता है सर्दी का असर
जबलपुर में दिसंबर में बारिश होने का भी ट्रेंड है। 28 दिसंबर 1960 को दिन का तापमान 33.2 डिग्री पहुंच चुका है। 28 दिसंबर 1902 की रात में रात का तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 में सर्वाधिक मासिक बारिश 125 मिमी यानी 4.9 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 68.1 मिमी यानी 2.6 इंच 16 दिसंबर 1885 का है। उज्जैन में भी कड़ाके की ठंड
उज्जैन में दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात में 9.4 डिग्री सेल्सियस है। इस महीने औसत 4.6 मिमी बारिश होती है। पिछले पांच साल से उज्जैन में दिसंबर में बारिश हो रही है। 18 दिसंबर 2002 को दिन में टेम्प्रेचर 34.9 डिग्री पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में पारा 0.5 डिग्री पहुंच चुका है। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी यानी 4.7 इंच बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश की बात करें तो 11 दिसंबर 1967 को 35.3 मिमी यानी 1.3 इंच बारिश हुई थी।

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