सिंगरौली की गोरबी खदान में विस्थापितों का प्रदर्शन:रोजगार में भेदभाव का आरोप; बोले- कंपनी बाहरी लोगों को नौकरी दे रही

सिंगरौली में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की गोरबी ब्लॉक-बी कोयला खदान में सोमवार को विस्थापित परिवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। कोल इंडिया की मिनी रत्न कंपनी के कार्यालय में पचास से अधिक विस्थापित परिवारों ने पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के बाद भी उन्हें रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी बोले- कंपनी बाहरी लोगों को नौकरी दे रही मुहेर गांव के सुरेश कुमार शाह ने बताया कि उनकी जमीन पर ठेका कंपनी अजंता-राधा ओवर बर्डन हटाने का काम कर रही है, लेकिन उनके परिवार के किसी सदस्य को रोजगार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दर्जनों अन्य विस्थापितों की भी यही स्थिति है। उनका आरोप है कि कंपनी मनमाने तरीके से बाहरी लोगों को नौकरी दे रही है, जबकि वास्तविक पात्र लगातार भटक रहे हैं। विस्थापितों ने यह भी कहा कि रोजगार देने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसमें विस्थापितों के हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा। योग्य और प्रभावित परिवारों को नजरअंदाज कर परिचितों और पसंदीदा लोगों को नौकरी दी जा रही है। बड़े आंदोलन की चेतावनी इस संबंध में एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी राम विजय सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। प्रशासनिक स्तर पर पहले भी सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनर्जी ने एनसीएल अधिकारियों के साथ बैठक कर रोजगार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिकायतें अब भी जारी हैं। विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। देखें तस्वीरें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *