भिंड में स्मार्ट मीटरों को लेकर फैल रही गलतफहमियों को दूर करने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभागार में कार्यशाला की। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) सी.के. पवार ने बताया कि जिले में कुल 1 लाख 14 हजार 257 स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से 8,213 मीटर अभी तक इंस्टॉल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सुरक्षित और उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक हैं, इसलिए अफवाहों पर भरोसा न करें। जीएम पवार ने बताया कि नवंबर महीने में भिंड वृत्त के 5,075 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के समय वाली बिजली पर 11 लाख 46 हजार रुपये से ज्यादा की बचत हुई है। नए नियम के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक इस्तेमाल की गई बिजली पर 20% की छूट मिलती है, जिससे लोगों का बिजली बिल कम आता है और उन्हें सीधा फायदा मिलता है। हर 15 मिनट में रीडिंग होती है अपडेट स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की रीडिंग लेने कर्मचारी के घर नहीं आना पड़ता, क्योंकि मीटर हर 15 मिनट में खुद डेटा अपडेट करता है। इससे बिल सही बनता है। उपभोक्ता ‘उपाय’ ऐप में अपनी बिजली खपत, अनुमानित मासिक बिल और घर का लोड तुरंत देख सकते हैं, जिससे बिजली खर्च नियंत्रित करना आसान हो जाता है। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ी है और बिजली चोरी रोकने में मदद मिली है। अभी तक कंपनी 16 जिलों में 4.69 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगा चुकी है और किसी तरह की खराबी या दिक्कत की शिकायत नहीं मिली है। मीडिया से मिले सुझावों पर कार्रवाई का भरोसा देते हुए जीएम पवार ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में है, इसलिए लोग सहयोग करेंगे तो यह उनके लिए लाभदायक होगा।


