प्रतापगढ़ जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने धमोतर थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मृतक की हुई थी दो शादियां लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने बताया कि यह मामला 2 सितंबर 2022 का है। जउखेड़ा निवासी कारूलाल मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें प्रतापगढ़ थाने से सूचना मिली कि उनके पिता भैरूलाल मीणा की हत्या हो गई है। कारूलाल तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनके पिता के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। घटना स्थल पर भारी मात्रा में खून पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक भैरूलाल मीणा ने दो विवाह किए थे और उनकी दूसरी पत्नी केसर बाई उनसे अक्सर झगड़ा करती थी। कारूलाल ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि उन्हें पहले से आशंका थी कि केसर बाई उनके पिता की जान ले सकती है। जांच में अवैध संबंध की बात सामने आई जांच के दौरान यह सामने आया कि केसर बाई के धमोतर थाना क्षेत्र के भमती पठार निवासी बंशीलाल पुत्र कमजी मीणा से अवैध संबंध थे। इन्हीं अवैध संबंधों के चलते केसर बाई और बंशीलाल ने मिलकर भैरूलाल मीणा की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों, केसर बाई और बंशीलाल, को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को क्षेत्र में न्यायपूर्ण माना जा रहा है।


