बीड़ी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी में जुटी सरकार:सीएम बोले- युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिलाएं जिसकी इंडस्ट्री में डिमांड

दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही मोहन सरकार अब प्रदेश में बीड़ी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में विभागों की समीक्षा के दौरान मंत्रियों और अफसरों को निर्देश दिए हैं कि युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाए, जिनकी इंडस्ट्री में मांग है और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचे। प्रदेश के शहरी इलाकों में होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी केवल काम की संख्या नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व से अपनी पहचान बनाने के आधार पर पूरे कराए जाएं। नगरीय विकास और आवास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे अधोसंरचना विकास के हर कार्य को हाई क्वालिटी के साथ पूरा करें। केवल काम की संख्या नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व से अपनी पहचान बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय से “अर्बन–रूरल क्लस्टर” की अवधारणा पर काम करने के निर्देश दिए। आगामी तीन साल में शहरों में ये काम होंगे नगर व ग्राम निवेश विभाग 38 शहरों के GIS मास्टर प्लान तैयार करेगा, महानगर क्षेत्र कानून लागू करेगा, टीडीआर पोर्टल विस्तार, टीओडी नीति लागू होगी और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास होगा। आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र स्थापित होंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के क्षेत्रों में जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जाएं। इसके तहत—मंडला (बैगा), छिंदवाड़ा (भारिया), श्योपुर (सहरिया) और धार (भील) जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। अगले तीन वर्षों में हर जनजातीय विकासखण्ड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना के साथ 88 विकासखण्डों में कला भवन भी बनेंगे। मांग के अनुसार ट्रेड्स में प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास को सीधे उद्योगों की जरूरत से जोड़ा जाए ताकि युवाओं को अधिक रोजगार मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण केवल मांग वाले ट्रेड्स में ही दिया जाए और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय सीधे बैंक खातों में जाए। समीक्षा में बताया गया कि तीन वर्षों में इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रिक्त पद भरने, नए टेक कार्यक्रम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने और 40% कोर्सों को NBA मान्यता दिलाने का लक्ष्य तय है। बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीड़ी श्रमिक परिवारों को बेहतर रोजगार से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का तेंदूपत्ता राज्य की संपत्ति है और इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए।बीड़ी निर्माण से जुड़े हजारों परिवारों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए।

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