जलजीवन-मिशन घोटाले में तत्कालीन जलदाय एसीएस के खिलाफ जांच होगी:6 अफसरों के खिलाफ जांच की मंजूरी, पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके

जलजीवन मिशन के टेंडर में हुए फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में जलदाय विभाग के तत्कालीन एसीएस सुबोध्र अग्रवाल सहित 6 अफसरों के खिलाफ एसीबी जांच होगी। सीनियर आईएएस सहित विभाग के अफसरों के खिलाफ नियम 17-ए में जांच को सीएम स्तर से मंजूरी मिल गई है। सीएम की मंजूरी के बाद अब जलजीवन मिशन घोटाले में तत्कालीन एसीएस और दूसरे अफसरों के खिलाफ जांच होगी। 12 अफसरों के खिलाफ जांच की मंजूरी पहले मिल गई थी, अब कुल 18 के खिलाफ जांच होगी। जलदाय विभाग में जलजीवन मिशन घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से जांच कर रहे हैं। अब राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम की धारा 17-ए में जांच की मंजूरी दी है। जलजीवन मिशन घोटाले में टेंडर के काम से जुड़े तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन समितियों में गड़बड़ी के जिम्मेदार चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर(SE), एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ( एक्सईएन) सहित तकनीकी सदस्यों और सचिव स्तर के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी ​दी गई है। जेजेएम घोटाले में एसीबी ने डीओपी से मांगी थी 17-ए में जांच की मंजूरी एसीबी ने जलदाय विभाग के तत्कालीन एसीएस सुबोध अग्रवाल, विभाग के उपसचिव गोपाल गोपाल सिंह शेखावत, चीफ इंजीनियर दलीप गौड़, फाइनेंस एडवाइजर केसी कुमावत, एसई मुकेश गोयल, चीफ इंजीनियर केडी गुप्ता, एडिशनल चीफ इंजीनियर सुधांशु दीक्षित, एक्सईएन संजय अग्रवाल के खिलाफ 17 में जांच की मंजूरी मांगी थी। इनमें से तत्कालीन चीफ इंजीनियर दलीप गौड़ रिटायर्ड हो चुके हैं। जेजेएम घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित पांच ईडी में गिरफ्तार हो चुके जेजेएम घोटाले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं, जोशी हाल ही जमानत पर बाहर आए हैं। जोशी के अलावा ठेकेदार पदमचंद जैन, महेश मित्तल, पीयूष जैन और संजय बड़ाया को ईडी गिरफ्तार कर चुकी है, सभी जेल जाकर जमानत पर बाहर हैं। जल जीवन मिशन में श्याम ट्यूबवेल कंपनी और मैसर्स गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने इरकॉन के फर्जी अनुभव सर्टिफिकेट बनवाकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की थी। घोटाले में ईडी और एसीबी जांच कर रही है। रिटायर्ड आईएएस के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी
गड़बड़ी के आरोपों में एक रिटायर्ड आईएएस अफसर के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई की मंजूरी दी गई है। रिटायर्ड आईएएस के खिलाफ अखिल भारतीय सेवाएं (वर्गीकरण,अनुशासन और अपील) 1969 के नियम 8 के तहत नए सिरे से जांच होगी। 5 अफसरों की रिव्यू याचिका खारिज
सीएम ने राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण अपील) नियम 34 के तहत 05 अफसरों की रिव्यू याचिका को खारिज करते हुए पहले की कार्रवाई को बरकरार रखने की मंजूरी दी गई है। सीसीए नियम 16 के तहत दो मामलों में रिटायर्ड अफसरों के खिलाफ प्रमाणित जांच के नतीजे को मंजूरी दी है।

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