बीएसपी प्लांट में महिला ठेका श्रमिक की मौत:4 दिन पहले महिला के सिर पर गिरा था जर्जर लोहे का पाइप, पुलिस ने लापरवाही मानकर प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की FIR

भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के ओएचपी परिसर में 5 दिसंबर को कार्य के दौरान हुए हादसे में महिला श्रमिक की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 10.30 बजे वागन टिपलर नंबर 4 के नीचे हुई। मृतका की पहचान पुष्पा साहू (41 वर्ष), निवासी ग्राम रिसामा, थाना अंडा, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस ने अब इस मामले में बीएसपी प्रबंधन की लापरवाही मानते हुए बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। जानिए कैसे हुआ हादसा
पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतका OHP के हाफ एरिया वागन टिपलर नंबर 4 के नीचे J3C2 पॉइंट पर सफाई कार्य कर रही थी। इसी दौरान ऊपर लगे लोहे के पाइप का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। बताया गया कि यह पाइप लंबे समय से जंग खाकर जर्जर हो चुका था और उसके भीतर मिट्टी व डस्ट भरी होने के कारण वह भारी हो गया था। तेज आवाज के साथ पाइप सीधे पुष्पा साहू के सिर पर गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें मेन मेडिकल पोस्ट (MMP-1) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। सेक्टर-9 अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मर्ग जांच में प्रबंधन की लापरवाही उजागर
थाना भिलाई भट्टी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक भारत सिंह चौधरी ने मर्ग क्रमांक 43/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामले की जांच की। जांच के दौरान गवाहों रमेश कुमार साहू, लुकेश्वर ठाकुर और धीरेन्द्र कुमार ठाकुर के बयान लिए गए। जांच में पाया गया कि घटना स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और जर्जर पाइप को समय पर बदला नहीं गया। पुलिस के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की उपेक्षापूर्ण लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। मर्ग जांच पूरी होने के बाद थाना भिलाई भट्टी पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 106 और 289 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। टेलिफोन ऑपरेटर की शिकायत पर अपराध दर्ज
सेक्टर-9 अस्पताल के टेलीफोन ऑपरेटर इम्मानियल ने थाना भिलाई नगर में मृतका के ‘ब्रॉट डेड’ होने की सूचना दी थी। अस्पताल की ओर से जारी मेमो में उल्लेख किया गया कि पुष्पा साहू को BSP की एंबुलेंस MMP-1 से लाया गया था और उन्हें गंभीर सिर की चोट लगी थी। दुर्घटना का समय लगभग सुबह 10.30 बजे बताया गया। पुलिस ने प्रार्थी टेलीफोन ऑपरेटर को बनाकर प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पिछले एक साल में हुए हादसों के कुछ उदाहरण 18 नवंबर 2025 : भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एसएमएस-1 में साइकिल से जा रहे मजदूर हर्षवर्धन निषाद की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने घंटों तक प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस मामले में परिवार ने भिलाई स्टील प्लांट में प्रदर्शन के बाद भिलाई भट्टी थाने पहुंच कर दुर्घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करवाई।
7 जुलाई 2025 : कोक ओवन यूनिट की 5 और 6 नंबर की बैटरी स्ट्रक्चर पर गिरी, कई हताहत नहीं हुआ।
24 मार्च 2025 : फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम में लगी आग। इस घटना से भी कोई हताहत नहीं हुआ।15 अप्रैल 2025 : ब्लास्ट फर्नेश के पास काम कर रहा ठेका मजदूर झुलसा
6 जनवरी 2025 : ब्लास्ट फर्नेस-5 का सेल फटने से जोरदार धमाका हुआ। खौलता लोहा करीब 15 फीट नीचे बिछी पटरियों पर फैलने लगा था। कर्मियों ने इसे रोक लिया। इससे बड़ा हादसा टला।
13 नवंबर 2024 : ब्लास्ट फर्नेस-6 के पास गैस रिसाव होने की वजह से पास में मौजूद तीन ठेका श्रमिक इसकी चपेट में आ गए थे। इससे एक गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिन्हें सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
10 अक्टूबर 2024 : एसएमएस-3 के बिलेट यार्ड क्रेनों में 28 नंबर क्रेन 32 नंबर क्रेन से टकरा गई। इससे 150 किलो वजनी स्टॉपर 25 फीट नीचे काम कर रहे ठेका श्रमिक बसंत कुमार कुर्रे पर गिर गया। इससे उसकी जान चली गई।

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