जयपुर में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की संदिग्ध आत्महत्या के 38 दिन बाद भी स्कूल प्रबंधन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी नाराजगी के चलते सोमवार को शहर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के ‘लापता’ होने के पोस्टर लगाए गए। ये पोस्टर शहर के कई चौराहों, बस स्टॉप और मुख्य सड़कों पर चस्पा किए गए, लोगों के द्वारा सिंह सर्किल, शिक्षा संकुल झालाना में सांगानेर बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष के कार्यालय पर हॉल पर पोस्टर लगाए गए। जिनमें शिक्षा विभाग पर भी तंज कसा गया। यह मामला जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल से जुड़ा है, जहां चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने कथित तौर पर स्कूल बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि बच्ची को स्कूल में लगातार बुलिंग का सामना करना पड़ रहा था और स्कूल की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। सीबीएसई की आंतरिक रिपोर्ट में भी कई गंभीर चूकें सामने आई हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवर्तन संस्थापक आशुतोष रांका ने कहा कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री पिछले दो साल से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अनुपस्थित रहे हैं। उन्होंने झालावाड़ में स्कूल गिरने से बच्चों की मौत, दूध पाउडर घोटाला, किताबों की समय पर अनुपलब्धता और एसआईआर नियमों के कारण शिक्षकों की आत्महत्या जैसी घटनाओं का जिक्र किया। रांका ने कहा कि अमायरा मामले में भी यही स्थिति बनी हुई है। पोस्टर लगाने वाली रेखा शर्मा ने बताया कि नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय अमायरा ने बुलिंग से परेशान होकर अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि सीबीएसई रिपोर्ट में भी स्कूल की लापरवाही स्पष्ट है, लेकिन शिक्षा मंत्री इस पूरे मामले में अनुपस्थित हैं।


