बाड़मेर गुड़ामालानी के किसान बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत करवा रहे हैं। लेकिन प्रशासन को दिए समय के बाद समाधान नहीं होने पर मंगलवार को किसान बड़ी संख्या में गुड़ामालानी अहिंसा सर्किल तहसील गेट के आगे इकट्ठा हुए। किसानों का कहना है कि हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम यहां से ट्रैक्टरों से जिला मुख्यालय की ओर कूच करेंगे। जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। दरअसल, 5 दिसंबर को किसानों और जनप्रतिनिधियों ने गुड़ामालानी एसडीएम को अपनी मांगों का मांग-पत्र दिया था। इसके बाद एसडीएम और किसानों के बीच बातचीत हुई। इसके कई वीडियो भी सामने आए थे। तब किसानों ने 9 दिसंबर तक समस्याओं पर समाधान करने का अल्टीमेटम दिया था। तब उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करने की बात कही थी। समाधान की मांग पर अड़े किसान मंगलवार को गुड़ामालानी तहसील गेट के आगे बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। वहां पर किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। किसान अपनी समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं। फसल बीमा को लेकर नाराजगी किसान संघ के प्रहलादराम ने बताया- किसानों की सबसे बड़ी मांग साल 2022 से 2024 तक तीन सालों के किसानों का आदान-अनुदान बाकी पड़ा है। प्रशासन बार-बार आश्वासन दे रहा है लेकिन अनुदान नहीं मिला है। फसल बीमा क्लेम के लिए हजारों करोड़ों रुपए किसानों ने प्रीमियम के रूप में दिया है। लेकिन किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिला है। रिपोर्टिंग और सर्वे बीमा कंपनी सही नहीं करती है। प्रशासन बीमा कंपनी के दबाव में काम कर रहा है। साथ ही किसानों लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का स्थल है। यहां पर करीब 45 सालों से अपनी आवाज उठा के लिए काम में लेते रहे है। लेकिन प्रशासन ने मिली भगत करके इस स्थान को भी दबा दिया है। जिससे किसान की आवाज बंद हो जाए। भूमाफिया का मुद्दा उठाया किसानों के अनुसंधान के लिए गुड़ामालानी कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत है। साल 2012 में 125 बीघा जमीन का आवंटन किया गया था। उस पर भी भूमाफिया ने प्रशासन से मिलीभगत करके कब्जा किया गया है। सरकारी योजनाओं का फायदा किसानों को नहीं मिल पा रहा है। बिजली, सुअरों की समस्या समेत तमाम समस्याओं को लेकर प्रशासन से सुनवाई नहीं होने के कारण यहां पर बड़े स्तर पर इकट्ठे हुए है। हमारी यही मांग है कि प्रशासन आए किसानों की मांगों को सुनें। किसानों के हक और अधिकार किसानों को दें। अगर समाधान नहीं करते है तो किसान गुड़ामालानी से रवाना होकर कर जिला मुख्यालय का घेराव करने के लिए कूच करेंगे। हमने चेताने के बाद हमारी प्रशासन से कोई बात नहीं हुई है। जिला स्तर से जरूर एक-दो फोन आए थे। उन्होंने कहा था कि आपका प्रतिनिधि मंडल आकर बात करें लेकिन हमने स्पष्ट कर दिया हम किसानों के बीच में ही बात करेंगे। किसान जहां पर सहमत होंगे किसान की समस्या प्रशासन को बताएंगे। उन समस्याओं का प्रशासन समाधान करें।


