जैसलमेर में 30 जनवरी से डेजर्ट फेस्टिवल:राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी; कलेक्टर ने बैठक ली

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन जगत में अपनी अनूठी पहचान बना चुके जैसलमेर के विश्व प्रसिद्ध मरु महोत्सव (Desert Festival) 2026 का आयोजन अगले साल 30 जनवरी से 1 फरवरी तक, पूरे तीन दिनों तक चलेगा। डेजर्ट फेस्टिवल की तारीख सामने आने के बाद से पर्यटन जगत से जुड़े लोगों में काफी उत्साह है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित आयोजन को पिछले सालों की तुलना में और भी अधिक बेहतर और यादगार बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर प्रतापसिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। कलेक्टर प्रतापसिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए तीन दिवसीय कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में फेस्टिवल के मुख्य केंद्र जैसलमेर शहर के साथ-साथ पोकरण, सम के धोरों और खुहड़ी में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। तीन दिन दिखेगी राजस्थानी संस्कृति की झलक डेजर्ट फेस्टिवल में तीन दिन तक कई राजस्थानी संस्कृति से जुड़े आयोजन होते हैं। इस फेस्टिवल में राजस्थानी लोक गीतों की महफिल सजती है। साथ ही राजस्थानी लोक नित्य घूमर और भवाई भी पेश किया जाता है। कालबेलिया डांसर भी अपने हैरतअंगेज करतब के साथ नृत्य दिखाती है। देश विदेश में अपने लोक गीतों की छाप छोड़ने वाले लोक कलाकार इन तीन दिनों में आने वाले सैलानियों को राजस्थानी लोक गीतों और संगीत से रूबरू करवाते हैं। साथ ही रेगिस्तान के जहाज ऊंट की रेस और उसके श्रृंगार से भी सबको रूबरू करवाया जाता है। इस आयोजन को देखने देश दुनिया के सैलानी जैसलमेर आते हैं। भव्यता और पर्यटक अनुभव पर विशेष जोर कलेक्टर प्रताप सिंह ने हाल ही में डेजर्ट फेस्टिवल के आयोजन को लेकर एक बैठक की। कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मरु महोत्सव का आयोजन अत्यधिक भव्य होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महोत्सव में आने वाले प्रत्येक देसी और विदेशी पर्यटक को राजस्थान की इस सुनहरी धरती और समृद्ध लोक संस्कृति का भरपूर आनंद मिलना चाहिए। उन्होंने सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेंद्र सिंह जाम को निर्देश दिए कि वे कार्यक्रमों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दें। इसके साथ ही, महोत्सव के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, ताकि वैश्विक स्तर पर अधिक से अधिक पर्यटक इस अद्वितीय रेगिस्तानी उत्सव को देखने के लिए जैसलमेर आ सकें। यह कदम जैसलमेर को एक प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। स्थानीय कला और सुझावों को प्राथमिकता सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान, कलेक्टर ने सुनिश्चित करने को कहा कि जैसलमेर और आस-पास के क्षेत्रों के ख्यातनाम लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कराई जाएँ। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्रामाणिक राजस्थानी संस्कृति से रूबरू कराना है, बल्कि स्थानीय लोक संगीत और लोक संस्कृति को भी आवश्यक मंच और प्रोत्साहन देना है। बैठक में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने महोत्सव को अधिक रोचक बनाने के लिए उनके रचनात्मक सुझाव भी आमंत्रित किए। होटल एवं पर्यटन व्यवसाय के अनुभवी प्रतिनिधि विक्रमसिंह नाचना और कैलाश व्यास ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव साझा किए, जिनका अधिकारियों ने स्वागत किया। मिस्टर डेजर्ट व मिस मूमल प्रतियोगिता का होगा आयोजन सहायक पर्यटन अधिकारी जाम ने संभावित कार्यक्रमों जैसे रंगारंग लोकनृत्य, ऊँटों की दौड़, डेजर्ट सफारी और मिस मूमल जैसी प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अभी से ही समन्वय के साथ काम शुरू कर दें, ताकि 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक होने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय आयोजन जैसलमेर की ख्याति में चार चाँद लगा सके।

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