सागर में देहदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को बरियाघाट निवासी 82 वर्षीय हीरालाल शर्मा का निधन होने के बाद उनका देहदान बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में किया गया। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी मृत्यु से महज एक दिन पहले (7 दिसंबर) ही देहदान का फॉर्म भरा था। बीएमसी पहुंचने पर उनके पार्थिव शरीर को शासन के नियमानुसार गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान दिया गया। हीरालाल शर्मा ने जीवित रहते हुए 7 दिसंबर को देहदान की इच्छा जताते हुए फॉर्म भरा था। सोमवार को उनके निधन के बाद भतीजे सूर्यप्रकाश शर्मा ने चाचा की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बीएमसी के एनाटॉमी विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग ने तत्परता दिखाई और मृत्यु के 6 घंटे के भीतर देहदान की प्रक्रिया पूरी कराई। परिवार के लोग ससम्मान देह लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डीन बोले- यह तीसरा देहदान जिसे गार्ड ऑफ ऑनर मिला
बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कहा, “महाविद्यालय में यह तीसरा देहदान है, जिसे शासन के आदेश अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। महाविद्यालय परिवार इस पुण्य कार्य के लिए सदैव आभारी रहेगा। उक्त देह से शिक्षण कार्य में बच्चों को मदद मिलेगी।” देहदान प्रक्रिया के दौरान अशोक शर्मा, सूर्यप्रकाश शर्मा, संजीव शर्मा, सुनील द्विवेदी, अनुराग शर्मा, श्वेता शर्मा, अंजू शर्मा, सुरभि शर्मा और शिवम शर्मा सहित परिवार के अन्य लोग मौजूद थे। 15 साल में अब तक 72 देहदान
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2010 से देहदान की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पहला देहदान भानू प्रकाश पाठक के निधन के बाद किया गया था। तब से लेकर अब तक बीएमसी में कुल 72 देहदान किए जा चुके हैं। इनमें से 32 देह अभी भी बीएमसी के पास सुरक्षित हैं। शासन द्वारा पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर देने का नियम लागू होने के बाद बीएमसी में यह तीसरा देहदान है।


